सात दिन करनी है बच्चों की दावत, टीचर परेशान कैसे खिलाएंगे खीर, हलवा और लड्डू

आजादी के अमृत महोत्सव में मिड-डे मील के तहत 11 से 17 अगस्त तक बच्चों को विशेष भोज दिया जाए। हर दिन मिड-डे मील के मेन्यू के अलावा बच्चों को खीर, लड्डू, हलुआ, बूंदी या फल की व्यवस्था की जाए। इस आदेश से परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक परेशान हैं। बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। पुरानी कनवर्जन कॉस्ट में विशेष भोज कैसे तैयार हो सकेगा।

30 बच्चों की खीर बनाने में लग जाएंगे 400 रुपए

शिक्षक ब्रजेश दीक्षित ने बताया कि प्राइमरी स्कूल में 30 बच्चों की कन्वर्जन कॉस्ट करीब 150 रुपए आती है। ऐसे में अगर इन बच्चों के लिए एक दिन की खीर बनाए तो कम से कम चार लीटर दूध चाहिए। दूध की कीमत ही 50 रुपए प्रति लीटर से 200 रुपए हो गई।

इसके अलावा चीनी और मेवे भी चाहिए। गैस भी लगेगी। ऐसे में खीर बनाने में ही 400 सौ रुपए लग जाएंगे। ऐसे में विभाग को शिक्षको की परेशानी को समझना चाहिए। अगर इस विशेष भोज के लिए अलग से बजट की व्यवस्था होती तो शिक्षक भी परेशान नहीं होते।

पांच महीने से नहीं आई कन्वर्जन कॉस्ट

शिक्षक राजीव वर्मा ने बताया कि मिड-डे मील बनाने के लिए सरकार द्वारा खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। खाना बनाने के लिए कन्वर्जन कॉस्ट दी जाती है। इस कॉस्ट से शिक्षक मिड-डे मील बनवाते हैं, लेकिन पिछले पांच माह से शिक्षकों को मिड-डे मील की कन्वर्जन कॉस्ट का भुगतान ही नहीं हुआ है। शिक्षक अपने खर्च से मिड-डे मील तैयार करवा रहे हैं।

4.97 रुपये प्रति छात्र की दर से कन्वर्जन कॉस्ट

2020 से 4.97 रुपये प्रति छात्र और उच्च प्राथमिक स्तर पर 7.45 रुपये प्रति छात्र की दर से कन्वर्जन कॉस्ट मिल रही है। यह कन्वर्जन कॉस्ट वर्ष 2020 में लागू हुई थी। खाद्य तेल, सब्जी, हरी सब्जी, फल व दूध आदि पर महंगाई की मार पड़ी है। गैस सिलेंडर रीफिलिंग के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं। 2020 में अरहर 80 के आसपास थी जो अब 130 रुपये से अधिक प्रति किलो हो गई है।

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