अनाज के लिए भारत पर निर्भर हुआ चीन, दशकों बाद चावल खरीदने को हुआ मजबूर

सीमा पर बीते 8 महीनों से चल रहे गतिरोध के बीच चीन ने भारत को चावल का ऑर्डर दिया है। दरअसल, चीन के पास अनाज की कमी हो गई हैं और उसे अपने लोगों को पेट भरने के लिए उचित मात्रा और सही रेट में अनाज नहीं मिल रहा हैं। इसलिए वह अब इस मामले में भारत पर निर्भर हो गया है। आमतौर पर चीन थाइलैंड, वियतनाम, म्यामांर और पाकिस्तान जैसे देशों से चावल की खरीद करता है, लेकिन ये देश इस बार अनाज काफी महंगा बेच रहे हैं।

अपने परंपरागत सप्लायर्स के पास चावल का उचित स्टॉक नहीं होने और भारत के मुकाबले 30 डॉलर प्रति टन अधिक कीमत की मांग करने की वजह से चीन ने पहली बार भारत को चावल का ऑर्डर दिया हैं। इससे पहले तक वह क्वालिटी की दलील देकर भारत को दरकिनार करता रहा है। भारतीय उद्योग जगत के अधिकारियों ने रॉयटर्स को यह जानकारी दी है। चावल की सप्लाई में कमी और भारत में सस्ते दर पर मिलने की वजह से चीन ने यहां ऑर्डर दिया है।

30 सालों में पहली बार चीन भारत से चावल आयात कर रहा है। बता दे भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है और चीन इसका सबसे बड़ा आयातक है। बीजिंग सालाना करीब 40 लाख टन चावल आयात करता है। भारत को उम्मीद हैं कि चावल की गुणवत्ता देखकर चीन अगले साल अपनी मांग बढ़ाएगा।

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