भूटान के सामने नहीं गल रही चीन की दाल, मजबूती से ढाल बनकर खड़ा भारत

कोरोना संकट में चीन अपरने पड़ोसी देशों के साथ दुश्मनी पालने में लगा है। चीन भारत, नेपाल, म्यांमार और अब भूटान सभी से जमीन हड़पने का प्रयास कर रहा है। भारत के साथ सीमा विवाद में सफलता नहीं मिलती देख चीन अब भूटान को अपना निशाना बना रहा है। लेकिन भारत की सतर्कता की वजह से वह भूटान पर अपना दबाब बना पाने में नाकाम हो रहा है। चीन का भूटान से कहना है कि वह सीमा मुद्दों पर उससे बात करे और भारत को इससे बाहर रखें।

चीन चालबाजी कर भूटान को बड़ा आर्थिक पैकेज देकर उसकी जमीन हड़पना चाहता है। वह पिछले दिनों में भूटान की जमीन पर अपना दावा जता चुका है। भारत के साथ अच्छे रिश्ते रखने वाले सभी पड़ोसी देश को चीन लगातार परेशान कर रहा है। नेपाल में चीन अपनी कूटनीति में काफी हद तक सफल रहा है जिसकी वजह से वह नेपाल और भारत के रिश्तों में कड़वाहट घोलने का काम कर रहा है। हालांकि भारत, नेपाल मामले में संयमित रुख अपना रहा है।

श्रीलंका में भी चीन निवेश और कर्ज देकर भारत को पीछे छोड़ने की मुहिम में जुटा है। फिर भी चीन, एकमात्र भूटान के सामने असहज हो रहा है। भारत भूटान से अपने रिश्तों को लगातार बेहतर करने में जुटा है। पिछले हफ्ते ही दोनों देशों के बीच एक नया ट्रेड रूट खुला है। यही नहीं भूटान की भारत का एकमात्र ऐसा पडोसी है जिसने चीन का बेल्ट रोड इनिशेटिव यानी बीआरई का हिस्सा बनने से इनकार किया है। भूटान-चीन विवाद में भारत मजबूती से खड़ा है।

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