चीन का पीठ पर वार, लद्दाख में LAC पर हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद

भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में गालवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सीमा तनाव गरमा गया है। मंगलवार रात दोनों देशों के बीच हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए है। वही दूसरी तरफ चीन को भी काफी नुकसान हुआ है। हालांकि चीन ने अभी तक खुद के सैनिकों की क्षति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। लेकिन भारतीय सेना ने दावा करते हुए कहा है कि इस हिंसक झड़प में चीनी सेना के करीब 43 सैनिकों को क्षति हुई है।

सूत्रों के मुताबिक चीन के 40 से अधिक सैनिक या तो मारे गए है, या फिर घायल हुए है। जिन्हें ले जाने के लिए एलएसी के करीब चीन के कई चॉपर दिखाई दिखे। भारत की तरफ से शहीद होने वाले जवानों में कर्नल बी संतोष बाबू, 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर, 81 फील्ड रेजिमेंट के हवलदार के पलानी और 16 बिहार रेजिमेंट के हवलदार सुनील कुमार झा शामिल हैं। बता दे पिछले 45 सालों में सीमा पर भारत-चीन से कोई शहादत की खबर आई है।

इससे पहले 1975 में अरुणाचल में हुई भारत और चीन के सैनिकों के बीच भिड़ंत में चार जवान घायल हुए थे। हालांकि सामान्य तौर पर 1967 के सिक्किम में हुए संघर्ष को दोनों देशों के बीच आखिरी खूनी संघर्ष माना जाता है। उस वक्त अरुणाचल प्रदेश के तुलुंग ला इलाके में तब असम रायफल्स के चार जवान चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए थे। चीन ने उस वक्त एलएसी पार करने के बाद आत्मरक्षा में गोली चलाने का बहाना बनाया था।

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