भारत के व्यापारिक हमले से तिलमिलाया चीन, छोटे देशों के साथ मिलकर कर रहा धोखाधड़ी

सीमा पर जारी तनाव के चलते भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार की मुहिम तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार इसके तहत मुक्त व्यापार समझौता और द्विपक्षीय समझौते के हिसाब से सामानों की लिस्ट तैयार कर रही है। साथ ही ऐसे सामानों की सूची तैयार की जा रही है जिसमें इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के हिसाब से प्रभाव पड़ा हो। सरकार को संदेह है कि चीन अन्य दूसरे देशों के माध्यम से अपना सस्ता सामान भारतीय मार्केट में पहुंचा सकता है।

केंद्र की तरफ से उद्योग जगत से चीनी उत्पादों की लिस्ट देने के लिए कहा गया था। जिसके बाद देश में चीनी सामानों के प्रति बहिष्कार की मुहिम को तेजी मिली है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा तीन बड़े चीनी टेंडर्स को निरस्त करना और रेलवे द्वारा भी कई बड़े चीनी प्रोजेक्ट्स से हाथ खींच लेना इसी मुहिम का हिस्सा है। केंद्र को आशंका है कि चीन, वियतनाम और सिंगापुर जैसे राष्ट्रों की कंपनियों की मदद से खराब गुणवत्ता वाले खुद के सामान हमारे यहां बेच रहा है।

भारत के चौतरफा हमले से तिलमिलाया चीन

जानकारों का कहना है कि संकट के समय में भारत ने बिना किसी शर्त के अमेरिका और यूरोप समेत एशिया के कई देशों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा देकर वैश्विक स्तर पर अपना कद ऊंचा किया है। साथ ही चीन से निकलने वाली कंपनियों को अपने यहां न्योता देने की पेशकश भी, चीन को चुभने लगी है। यही वजह है कि चीन भारत के पड़ोसी देशों के साथ मिलकर व्यापारिक चोट पहुंचाना चाहता है। कुल मिलाकर चीन भारत के चौतरफा हमले से तिलमिला गया है।

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