बातचीत से नहीं माना चीन तो सैन्य विकल्प का करेंगे इस्तेमाल: जनरल बिपिन रावत

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने चीन के साथ चल रहे गतिरोध पर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि लद्दाख में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के गतिरोध से निपटने के लिए हमारे पास सैन्य विकल्प तैयार है। लेकिन इस विकल्प का इस्तेमाल तभी किया जाएगा, जब हमारी सेना और उनकी सेना के बीच की बातचीत और राजनयिक विकल्प से कोई हल नहीं निकलता है।

रावत ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गतिरोध अलग-अलग धारणाओं के कारण होते हैं। रक्षा सेवाओं को ऐसे अभियानों पर निगरानी रखने और घुसपैठ रोकने के लिए तैनात किया जाता है। इस प्रकार की गतिविधि का शांति से हल निकालने के लिए सरकारी दृष्टिकोण अपनाया जाता है। वहीं, रक्षा सेवाएं हमेशा सैन्य विकल्पों के लिए तैयार रहती हैं। उन्होंने कहा कि एलएसी पर यथास्थिति को बहाल करने के कोई प्रयास सफल नहीं होने चाहिए।

बता दें शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एनएसए और तीन सेना प्रमुखों के साथ लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ जारी गतिरोध पर चर्चा की थी। चीन ने लद्दाख में एलएसी पर बिल्टअप कर लिया है। वहीं भारत ने भी उसका मुकबाला करने के लिए भारी संख्या में जवान और हथियारों की तैनाती कर रखी है। दोनों सेनाओं के बीच बातचीत के जरिए एलएसी पर गतिरोध वाले स्थानों से सेनाओं को पीछे हटाने को लेकर भी वार्ता हुई हैं।

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