चित्रकूट में यूपी का पहला टेबलटॉप एयरपोर्ट तैयार, जानें क्या है खासियत

उत्तर प्रदेश को एक और तोहफा मिलने जा रहा है. चित्रकूट (Chitrakoot) में देवांगना पहाड़ी के ऊपर 1,132 करोड़ की लागत से देश के सबसे खूबसूरत टेबल टॉप एयरपोर्ट (Tabletop Airport) का निर्माण करीब खत्म हो चुका है. यह उद्घाटन के लिए तैयार है. विंध्य रेंज की पहाड़ी पर बने टेबल टॉप पर बनाने वाला यह यूपा का पहला एयरपोर्ट है. एयरपोर्ट पर जैसे ही लोग उतरेंगे उन्हें खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा.

क्या होगी खासियत
146 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह बुंदेलखंड का पहला परिचालन हवाईअड्डा होगा और इसका प्रबंधन भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से लाइसेंस हासिल करने के बाद यहां से 20 सीटों वाला विमान भी उड़ान योजना के तहत उड़ान भरने लगेगा. टर्मिनल बिल्डिंग में जिन यात्रियों को जाना है, उनके बैठने के लिए 50 बेंच की व्यवस्था की गई है. प्रतीक्षालय हॉल, चेकिंग पॉइंट, फायर स्टेशन, एनटीसी बिल्डिंग, सब स्टेशन, 3.15 लाख लीटर अंडर स्टोरेज पानी, 1.5 लाख लीटर पानी फायर के लिए, 1.65 लाख लीटर पानी पीने के लिए, सेल्फी प्वाइंट और कार पार्किंग की व्यवस्था की गई है. ढाई किलो मीटर लंबा और 44 मीटर चौड़ा एक और रनवे बन रहा है, जो राइट्स कंपनी बना रही है.

टेबलटॉप रनवे क्या होता है?
टेबलटॉप रनवे एक रनवे है जो एक पठार या पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित होता है, जिसमें एक या दोनों सिरों के साथ एक खड़ी चोटी के निकट होता है जो एक गहरी घाटी में गिरता है. विश्व के कई देशों में ऐसे एयरपोर्ट मौजूद हैं. बता दें कि भगवान श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2013 में डेढ़ किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण कराया था. जिसमें कुछ निजी विमान और हेलीकॉप्टर उतर सकते थे. इसके बाद 2015 में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत केंद्र सरकार ने देवांगना हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया।

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