गोआ सरकार में मंत्री माइकल लोबो के त्यागपत्र पर आया मुख्यमंत्री का बयान

विगत शनिवार 8 जनवरी को भारतीय चुनाव आयोग ने देश के पांच राज्यों में आगामी दो महीनों के अंदर चुनाव कराने के लिए तारीखों की घोषणा की है। इन पांच राज्यों में से एक राज्य गोआ भी है, जहां पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का शासन है। गोआ में आगामी 14 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं। मगर उससे पूर्व आज भाजपा और गोआ सरकार को बड़ा झटका लगा जब गोआ सरकार में कैबिनेट मंत्री माइकल लोबो ने आज भाजपा पार्टी और सरकार में अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

ज्ञात हो कि माइकल लोबो ने आज जब त्यागपत्र दिया, उसके साथ भाजपा और गोआ सरकार के ऊपर बयान भी दिया, जिसमें उन्होंने गोआ सरकार को दिशाविहीन सरकार बताया। माइकल लोबो के त्यागपत्र और बयान पर गोआ के निवर्तमान मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के बयान भी आया, जिसमें उन्होंने इस घटना को मामूली नुकसान बताया।

ज्ञात हो कि आज सुबह गोआ के मंत्रिपद से इस्तीफे की घोषणा करते हुए माइकल लोबो ने कहा था कि मैंने गोवा के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है; उम्मीद है कि कलंगुट निर्वाचन क्षेत्र के लोग मेरे फैसले का सम्मान करेंगे। मैं भी विधायक पद से इस्तीफा दूंगा, देखेंगे आगे क्या कदम उठाना है। मैं अन्य राजनीतिक दलों के साथ बातचीत कर रहा हूं। जिस तरह से हमें देखा जाता है उससे मैं परेशान था और पार्टी के सभी कार्यकर्ता भी नाखुश हैं।पूर्व भाजपा नेता माइकल लोबो ने आगे कहा कि मैंने गोवा कैबिनेट और विधायक दोनों से इस्तीफा दे दिया है।

गोवा बीजेपी में, मैं मनोहर पर्रिकर की विरासत को आगे बढ़ते हुए नहीं देखता, जिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका समर्थन किया, उन्हें बीजेपी ने दरकिनार कर दिया है। माइकल लोबो के इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गोआ के मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक बड़ा परिवार है जो पूरी निष्ठा से मातृभूमि की सेवा करता रहता है! लालच और व्यक्तिगत हितों के एजेंडे को पूरा करने के लिए कुछ दलबदल, सुशासन के हमारे एजेंडे को रोक नहीं सकते।

प्रमोद सावंत यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि गोवा के लोगों ने एक दशक तक भाजपा के शासन और विकास मॉडल को देखा है और मुझे विश्वास है कि वे हमें अपनी सेवा में एक और कार्यकाल देंगे। जय हिंद, जय गोवा हालांकि माइकल लोबो में भाजपा से इस्तीफा तो दे दिया है, मगर उन्होंने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि वह किस पार्टी को जॉइन करने वाले हैं। मगर कुछ सूत्र बता रहे हैं कि शायद वह आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो सकते हैं। हालांकि यह सिर्फ अभी संभावना है।

यह पढ़े: पीएम की सुरक्षा में चूक: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार दोनो को अपनी जांच रोकने को कहा