सेनिटाइजिंग कियोस्क के लिए रेलवे स्टेशन पर जबरन यात्रियों से 10 के बदले 20 रुपए ले रहे ठेकेदार

कोरोना संक्रमण अब लगभग धीमा पड़ गया है । हालाँकि ट्रेनों का परिचालन सामान्य रूप से हो रहा है इसलिए यात्रियों को संक्रमण मुक्त यात्रा कराने की दिशा में स्टेशनों पर मार्च महीने में कियोस्क इनस्टॉल किया गया। इसी क्रम में सुरक्षा को ध्यान में रखने हुए  पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल के सूरत रेलवे स्टेशन पर भी मार्च महीने कियोस्क इंस्टाल किया गया।  जिसमे अल्ट्रावाइलेट रे टनल के जरिये गुजारते हुए अब सामानो की सैनिटाइजिंग की जाती है.

लेकिन यात्रियों के लिए यह अनिवार्य नहीं है क्योंकि यात्री अपनी स्वेक्षा से इसका लाभ लेते है लेकिन अब कोरोना धीमा पड़ गया तो कियोस्क का ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो रहा जिससे इस मशीन के संचालन अब नया पैंतरा अपना कर सीधे -साधे श्रमिक वर्ग के यात्रियों को बुलाकर उन्हें कहते है कि यह प्रक्रिया जरुरी है और आपको सामान सैनिटाइज कराना पड़ेगा जिसके बाद यात्री डर से सामान सैनिटाइज कराने आ जाते है और बदले में 10 रुपए देना होता है लेकिन उनसे 20 रुपए वसूला जा रहा है ।

मंगलवार को इसकी पड़ताल की तो पता चला कि स्टेशन पर वाकई में ऐसा हो रहा है। सूरत से छपरा जा रहे दो यात्री वहां से गुजर रहे थे जिसके बाद उन्हें बुलाया गया और कहा गया कि बैग को अल्ट्रावॉयलेट से सैनिटाइज कराए जिसके बाद यात्री मल्लूराम ने बताया कि उन्होंने मुझे बुलाया और ऐसे करने के लिए कहा जिसके बाद मैंने सैनिटाइज कराया और बदले में 20 रुपए ले रहे हैं।

यात्री रत्नेश निषाद ने बताया कि वो भी छपरा जा रहे थे स्टेशन प्लेटफार्म जाने से पहले उन्हें रोका गया और कहा गया कि सैनिटाइज कराना पड़ेगा जिसके बाद उन्हें 20 रुपए भी देना पड़ा। इसी तरह से यात्री शिवकुमार मिश्रा ने भी बताया कि उनसे भी यहां सैनिटाइज कराने के लिए कहा गया।

सैनिटाइजिंग कियोस्क में यात्रियों के लिए अनिवार्य नहीं का पोस्टर भी हटा दिया गया है ताकि यात्री यह पढ़ नहीं पाए और सरेआम उनसे 20 रुपए ले लिया जा रहा है। सूरत स्टेशन के निदेशक दिनेश वर्मा ने बताया कि हम इस मामले की फौरन जांच करेंगे और कंपनी पर उचित कार्रवाई करेंगे।

अल्‍ट्रावॉयलेट रे सैनिटाइजेशन सामानों के सतह पर रहने वाले रोगाणुओं को मारता है, जिससे कोविड-19 एवं अन्‍य संक्रामक रोगों को फैलने से रोकता है। यह शुष्‍क एवं तीव्र विधि है, जो परम्‍परागत छिड़काव विधि से अधिक सुविधाजनक है। यात्रियों के पास पॉलिथीन कवर से सामानों की रैपिंग का भी विकल्‍प होगा।  सैनिटाइजेशन का दर प्रति बैगेज 10 रु.  जबकि सैनिटाइजेशन और रैपिंग दोनों की कीमत 50 है.

– एजेंसी/न्यूज हेल्पलाइन

यह भी पढ़ें:

बेल बॉटम में इंदिरा गांधी के किरदार में लारा दत्ता ने जीता सभी की दिल