74वां स्वतंत्रता दिवस: गलवां घाटी में शहीद हुए वीर जाबांजों को याद कर रहा देश

74वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा भारत आजादी के इस पावन मौके पर उन शहीद जवानों को याद कर रहा है, जो भारत माता की सुरक्षा के लिए सीमा पर गए, लेकिन लौटकर वापस ना आये। देश के वीर जवानों ने दुश्मन के दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया और उसके नापाक मंसूबों को धराशाही कर दिया। ऐसी ही घटना के जख्म हमारे जेहन में ताजा है, हम बात कर रहे है इस साल 15 जून को पूर्वी लद्दाख में चीन और भारत सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प।

जब चीन अपने विस्तारवादी रवैये को दिखाते हुए पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में घुसने की कोशिश करने लगा तो भारत के वीर जवानों ने उसे मुंहतोड़ जवाब दिया और पीछे धकेल दिया। इस दौरान हमारे 20 जवानों का शहादत मिली, जिन्हें इस पावन अवसर पर हर देशवासी जरूर याद करना चाहेगा।

दोनों पक्षों में हुई इस हिंसक झड़प में 16वीं बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग अधिकारी कर्नल बी संतोष बाबू समेत 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए। वहीं, इस घटना में चीनी पक्ष के 43 के करीब जवान शहीद हुए। जवानों की शहादत के बाद देशभर में चीन के खिलाफ गुस्सा देखा गया, जिसका नुकसान चीन को सैन्य स्तर पर तो हुआ ही लेकिन इससे ज्यादा उसे आर्थिक मोर्चे पर क्षति झेलनी पड़ी। भारत ने इस हिंसक झड़प को चीन की सोची-समझी-पूर्वनियोजित कार्रवाई बताया।

यह भी पढ़े: अभेद्य किले में तब्दील हुआ लाल किला, स्वतंत्रता दिवस पर है ऐसी है सुरक्षा-व्यवस्था
यह भी पढ़े: स्वतंत्रता दिवस पर लगातार सातवीं बार देश को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी