DDMA अपने ने संशोधित आदेश में दिल्ली के सभी प्राइवेट ऑफिस, रेस्टोरेंट और बार को किया क्लोज़, वर्क फ्रॉम होम का दिया आदेश

कोविड और ओमाइक्रोन के बढ़ते केसेस और संक्रमण की संभावना को देखते हुए दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथोरिटी (DDMA) ने अपने संशोधित दिशानिर्देशों में आज से दिल्ली में सभी निजी कार्यालयों को बंद रखने का आदेश दिया है। हां, उन कार्यालयों को जो छूट की श्रेणी में आते हैं, को संचालित करने की छूट दी गई है।

डिपार्टमेंट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) ने बाकी सभी निजी कार्यालयों को वर्क फ्रॉम होम का पालन करने को कहा है। इसके अलावे DDMA ने दिल्ली के सभी रेस्तरां और बार को भी तत्काल प्रभाव से बंद रखने का आदेश दिया है। हां, सभी रेस्टोरेंट को टेकअवे की अनुमति प्रदान की गई है।

बता दें कि दिल्ली में कोविड के प्रकोप का नदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि दिसंबर 2021 के अंतिम सप्ताह से अब तक 70 लोगों की मौतों के लिए यह महामारी ही जिम्मेदार है। इसके अलावे कोरोना के नए वैरिएंट के मामले में भी दिल्ली देश मे दूसरे स्थान पर चल रहा है।

DDMA ने अपने संशोधित आदेश में कहा है कि वह बात से संतुष्ट है कि दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कोविड-19 वायरस फैलने का खतरा है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पहले ही एक महामारी घोषित किया जा चुका है और प्रभावी उपाय करना आवश्यक समझा गया है।

DDMA ने अपने आदेश में कहा है कि माननीय उप-राज्यपाल की अध्यक्षता में दिनांक 10.01.2022 को आयोजित DDMA की बैठक में दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति की फिर से समीक्षा की गई है और यह देखा गया है कि कोविड-19 (ओमाइक्रोन वैरिएंट के साथ) मामलों की संख्या पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढ़ रहे हैं और सकारात्मकता दर 23% को पार कर गई है। इसलिए, यह आवश्यक महसूस किया गया है कि अत्यधिक संक्रामक और ओमाइक्रोन प्रकार सहित, COVID-19 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए दिल्ली में कुछ और अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है।

इसलिए अब DDMA अपने पिछले आदेशों में संशोधन करते हुए दिल्ली के एनसीटी (कंटेनमेंट जोन के बाहर) के क्षेत्र में, निम्नलिखित अतिरिक्त गतिविधियों को भी अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित करता है। नए आदेश के तहत सभी निजी कार्यालयों को बंद कर दिया जाएगा, सिवाय उन को छोड़कर जो निर्धारित छूट प्राप्त श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। निजी कार्यालयों को वर्क फ्रॉम होम की प्रथा का पालन करना होगा। इसके अलावे सभी रेस्तरां और बार बंद रहेंगे। हालांकि, रेस्तरां को केवल होम डिलीवरी/खाद्य सामग्री के टेकअवे के लिए अनुमति दी जाएगी।

आदेश में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति उपरोक्त निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो दोषी व्यक्ति (व्यक्तियों) के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60, आईपीसी की धारा 188 और अन्य लागू कानूनों के प्रावधानों के अलावा कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जीएनसीटीडी की अधिसूचना के अनुसार जुर्माना लगाएगा।

आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी जिलाधिकारियों, जिला उपायुक्तों, जोनल उपायुक्तों/नगर निगमों के संबंधित प्राधिकारी/नई दिल्ली नगर परिषद/दिल्ली छावनी बोर्ड और अन्य सभी संबंधित प्राधिकरण अपने-अपने क्षेत्रों में इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे और पर्याप्त रूप से सूचित करेंगे।

आदेश में कहा गया है कि सभी निजी चिकित्सा कर्मी जैसे डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल, आदि और अन्य अस्पताल सेवाएं (जैसे अस्पताल, नैदानिक ​​केंद्र, परीक्षण प्रयोगशालाएं, क्लीनिक, फार्मेसियां, दवा कंपनियां, चिकित्सा ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता और अन्य चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं जिनमें शामिल हैं वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करने पर आकस्मिक सेवाएं/गतिविधियां जैसे चिकित्सा उपकरणों और उपभोग्य सामग्रियों की आपूर्ति, स्वच्छता, सुरक्षा, आदि) अपना पहचान पत्र साथ रखेंगे और मांगने पर प्रस्तुत करेंगे।

साथ ही वैध पहचान पत्र/डॉक्टर के पर्चे/चिकित्सा कागजात प्रस्तुत करने पर गर्भवती महिलाओं एवं रोगियों को परिचारक सहित चिकित्सा/स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने हेतु छूट के पात्र होंगे। COVID-19 परीक्षण या टीकाकरण के लिए जा रहे व्यक्तियों को भी छूट होंगी। हवाई अड्डों/रेलवे स्टेशनों/आईएसबीटी से आने/जाने वाले व्यक्तियों को वैध टिकट प्रस्तुत करने पर यात्रा करने की अनुमति है।

साथ ही वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करने पर इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया को भी छूट प्राप्त होगी। छात्रों को वैध प्रमाण प्रस्तुत करने पर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। परीक्षा कर्तव्यों के लिए तैनात परीक्षा स्टाफ को यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। 20 व्यक्तियों तक विवाह संबंधी समारोहों के लिए व्यक्ति का आना-जाना (विवाह कार्ड की सॉफ्ट या हार्ड कॉपी प्रस्तुत करने पर) अनुमत है।

DDMA ने अपने आदेश में कहा है कि दिल्ली मेट्रो द्वारा 100% बैठने की क्षमता के साथ परिवहन की अनुमति होगी। खड़े यात्रियों को अनुमति नहीं है। बसों द्वारा परिवहन: बसों की 100% बैठने की क्षमता के साथ इंट्रा-स्टेट (दिल्ली के एनसीटी के भीतर) बसों (डीटीसी के साथ-साथ क्लस्टर) की आवाजाही की अनुमति होगी। खड़े यात्रियों को अनुमति नहीं है। बसों के मामले में केवल पिछले दरवाजे से बोर्डिंग की अनुमति होगी जबकि डी-बोर्डिंग की अनुमति केवल सामने के दरवाजे से होगी।

DDMA ने अपने आदेश में कहा है कि आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं या छूट प्राप्त श्रेणी के रूप में निर्दिष्ट गतिविधियों के लिए व्यक्तियों की आवाजाही की अनुमति रात/सप्ताहांत कर्फ्यू के दौरान दी जाएगी। केवल ई-पास (सॉफ्ट या हार्ड कॉपी में) का संबंधित जिला मजिस्ट्रेट अपने संबंधित अधिकार क्षेत्र में उपरोक्त गतिविधियों के लिए ई-पास जारी करने के लिए जिम्मेदार होंगे।

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