गुर्दे की बीमारी से पीड़ित बच्चों में होती है इस विटामिन की कमी

  • एक नए अध्ययन में गुर्दे की बीमारी से लंबे समय से पीड़ित दो तिहाई बच्चों में विटामिन डी की कमी पाई गई है।
  • विटामिन डी की कमी का अक्सर कोई लक्षण प्रकट नहीं होता है लेकिन यह ऑस्टियोपोरोसिस, कैंसर, हृदय संबंधी बीमारी और ऑटोइम्यून विकार का खतरा बढ़ा सकता है।
  • गुर्दे की दीर्घकालिक बीमारी से पीड़ित बच्चों में आमतौर पर विटामिन डी की कमी होती है।
  • जर्मनी के हीडलबर्ग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं  के नेतृत्व में यह देखा कि गुर्दे की बीमारी (सीकेडी) से पीड़ित 500 बच्चों में विटामिन डी स्तर से विभिन्न कारक किस तरह संबंधित हैं।
  • शोधकर्ताओं ने कहा कि जो मरीज विटामिन डी अलग से लेते हैं उनमें विटामिन डी का स्तर उन बच्चों से दो गुना था जो अलग से विटामिन डी नहीं लेते हैं और उनमें विटामिन डी का स्तर कम होता है।
  • उन्होंने पाया कि ग्लोमेरूलोपेथिस जैसी गुर्दे संबंधित कुछ विषमताओं में विटामिन डी का स्तर कम होता है।
  • साल के अन्य वक्त की तुलना में विटामिन डी का स्तर सर्दी के महीनों में कम होता है।
  • गुर्दा खराब होने के शुरुआती चरण में कोई भी लक्षण सामने नहीं आता है। यह साइलेंट रहता है।
  • यही वह चरण होता है जब बीमारी का इलाज पूरी तरह संभव होता है, ऐसे में शुरुआती दौर में जांच और इलाज बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
  • अगर इसका वक्त पर इलाज नहीं किया गया तो आगे चलकर किडनी फेल हो सकती है।

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