डिप्रेशन से बढ़ती है डायबिटीज की आशंका

डिप्रेशन या अवसाद की समस्या अब लगातार ब़ढती जा रही है। इसके साथ दूसरी बीमारियों की आशंका में भी भरी वृृद्धि हो रही है। ताजा शोध के मुताबिक, डिप्रेशन से टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा ज्यादा रहता है।

डिप्रेशन के साथ मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर होता है और हानिकारक कोलेस्ट्रॉल की मौजूदगी में तो स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है। ऐसे लोगों में टाइप-2 डायबिटीज होने खतरा छह गुना ब़$ढ जाता है। डिप्रेशन के अभाव में इसकी आशंका चार गुना ज्यादा रहती है।

कनाडा के शोधकर्ताओं के ताजा शोध से टाइप-2 डायबिटीज के खतरों से निपटने की उम्मीद कुछ बढ़ी है। शारीरिक और मानसिक स्थितियों का आकलन कर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।

मालूम हो कि पूरी दुनिया में डायबिटीज अब महामारी का रूप भी ले चुकी है। विकसित देशों के अलावा विकासशील देशों में भी यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।