उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट कर लालू यादव पर साधा निशाना

कोरोना महामारी के बीच चुनावी सरगर्मी भी तेज हो गयी है। बिहार मे विधानसभा चुनाव अब नजदीक आ गया है। चुनाव आयोग ने भी इसको लेकर गाइडलाइन जारी कर दिया है। अब उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लालू यादव पर एक बार फिर हमला बोला है।

ट्वीट कर सुशील मोदी ने लालू एंड पार्टी के बारे मे लिखा कि, “चारा घोटाला के चार मामलों में सजायाफ्ता लालू प्रसाद कानूनी बाध्यता के कारण चुनाव नहीं लड़ सकते। अब वे राजद-प्रमुख और पिता, दोनों भूमिकाओं में ही शक्तिहीन हो चुके हैं”। आगे उन्होंने यह भी लिखा कि एक बेटे ने उनके करीबी रघुवंश प्रसाद सिंह को आहत करते हुए दूसरे दल के बाहुबली नेता को पार्टी में लाने की डील फाइनल कर ली, लेकिन मुँह पोछने के लिए उनको ‘अभिभावक’ कहते रहे। दूसरे बेटे ने तो उन ‘अभिभावक’ को बस ‘एक लोटा पानी’ बता दिया। राजद में अगर कोई अनुशासन समिति है, तो क्या बस उसे केवल लालू परिवार के बाहर के लोगों पर कार्रवाई का अधिकार दिया गया है ? सुशील मोदी ने आगे यह भी लिखा कि जिस बड़बोले बेटे को लालू प्रसाद न ग्रेजुएट बना पाए और न “प्रधानमंत्री मोदी की चमड़ी उधेड़ देंगे”, “ चंद्रिका राय कौन है” जैसे बेतुके बयान देने से ही रोक पाए, उसे रांची बुलाकर कौन-सा मंतर कान में फूंक देंगे।

बांसुरी बजाने से लेकर जलेबी छानने तक का हुनर रखने वाले तेज प्रताप यादव को पहली बार विधायक बनते ही लालू प्रसाद ने उन्हे स्वास्थ्य मंत्री बनवा दिया था। उन्होंने आज तक ये नहीं पूछा कि उनके बेटे ने 19 महीनों में गरीबों के अच्छे इलाज के लिए कितनी रुई-सुई, दवाई, आक्सीजन सिलेंडर और डायलिसिस इत्यादि का इंतजाम किया ? भाजपा नेता और बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि लालू यादव कुछ भी कर लें, राजद के युवराज पार्टी को डुबो कर ही मानेंगे। नाव सवारों में भगदड़ इसीलिए है कि क्यों वहां परिवारवाद हावी है। इन लोगों के सामने किसी एक की नहीं चलती है। ऐसे में आरजेडी का प्रत्येक नेता अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव का गाइडलाइन जारी होते ही अब लग रहा है कि चुनाव समय पर ही होंगे, इसको लेकर अब सभी पार्टी नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर बयानबाजी शुरू हो चुकी है।