जम्मू कश्मीर और लद्दाख में क्या-क्या बदलाव हुए हैं? जानिए यहां

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि धारा 370 हटाने के बाद मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर में सबसे पहला काम पंचायती राज की पुर्नस्थापना की है। डॉक्टर अंबेडकर ने कहा था कि राजा रानी के पेट से पैदा नहीं होंगे, दलित, गरीब और पिछड़ों के वोट से पैदा होंगे जिसे अब साकार किया गया है।

शाह ने सदन में बताया कि जिला पंचायत के चुनाव में 51.7% वोटिंग हुई और कहीं पर भी गोली नहीं चलानी पड़ी, चुनाव में घपला और अशांति नहीं हुई और भयरहित होकर लोगों ने मतदान किया। श्री शाह ने कहा कि जिन्होंने धारा 370 हटाने का विरोध किया उनका साथ कश्मीर की जनता ने भी छोड़ दिया।

शाह ने कहा कि वे सफल चुनावों के लिए वहां की जनता, सुरक्षाबलों और चुनाव आयोग को बहुत बधाई देना चाहते हैं कि मोदी जी ने जो करने की इच्छा रखी थी उसको सब ने मिलकर पूरा किया है। शाह ने कहा कि कुल 4483 सरपंच निर्वाचन क्षेत्रों में से, 3650 सरपंच निर्वाचित हुए और 35029 पंच निर्वाचन क्षेत्रों में से, 23660 पंच निर्वाचित हुए। 3395 पंचायतों का विधिवत गठन हुआ और 1088 प्रशासक नियुक्त किए गए। विगत महीनों में पंचायतों को सुदृढ़ किया गया है और 21 विषय पंचायतों को सौंपे गए हैं। साथ ही पंद्रह सौ करोड़ रुपए उनके खाते में डाल कर उन्हें मजबूत किया गया जिनमें आईसीडीएस, आंगनवाड़ी, मनरेगा की मॉनीटरिंग और खनन का अधिकार संबंधी विषय शामिल हैं।

इससे वह आत्मनिर्भर होंगे, अपने गांव का विकास करेंगे और यह सब धारा 370 हटने के कारण संभव हो सका है। 01 जून 2020-21 से, सरपंचों ने मनरेगा योजना के लिए भुगतान शुरू कर दिया है जिसके परिणामस्वरूप उन्हें इस वर्ष और लगभग 1000 करोड़ रुपए सौंपे जाएंगे। हाल के एक अन्य निर्णय में जम्मू और कश्मीर सरकार ने खनन अधिकार भी पंचायती राज संस्थानों को सौंप दिए हैं। निर्वाचित प्रतिनिधियों को मानदेय और अग्रता सूची में औपचारिक स्थान प्रदान किया गया– बीडीसी अध्यक्ष को डीएम के समान स्थान दिया गया।पंच-सरपंच की क्षमता संवर्धन के लिए प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की गई है। सभी राज्य पदाधिकारियों को आवंटित पंचायतों के अंदर दो दिन, एक रात का प्रवास करना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

शाह ने का कि इन लोगों को वहां के अटके हुए विकास कार्यों को गति देने के लिए, पंचायतों का सशक्तिकरण करने का कार्य दिया गया है। लोगों द्वारा प्रत्यक्ष रूप से 20,000 विकास परियोजनाओं की पहचान की गयी। अब तक तीन बार यह कार्यक्रम चलाया जा चुका है। पूरे जन अभियान और ब्लॉक दिवस के दौरान, पाँच लाख से अधिक प्रमाण पत्र जिनमें अधिवास, जन्म और मृत्यु तथा दिव्यांका शामिल हैं जारी किए गए हैं।

लगभग 50,000 परिवारों को स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत कवर किया गया है। रोजगार कार्यक्रम के तहत 10,000 युवाओं को कवर किया गया, लगभग 6,000 कार्य शुरू किए गए हैं, युवाओं के बीच 4,400 खेल किट वितरित किए गए। प्रत्येक बुधवार को ब्लॉक दिवस आयोजित किया जाता है जिसे अब स्थायी संस्थागत रूप दिया गया है और इसे संघ राज्य क्षेत्र में 82 स्थानों पर आयोजित किया जाता है। गाँव की ओर वापस चलें की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों के लिए भागीदारी कार्यक्रम – संघ राज्य क्षेत्र के सभी शहरी स्‍थानीय निकायों में लगभग 6 लाख लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में उद्योग जगत के लिए सबसे बड़ा अवरोधक था कि कोई यदि वहां उद्योग लगाना चाहता था तो उसे जमीन नहीं मिलती थी किंतु 370 हटाने के बाद उद्योग आने के लिए प्रोत्साहन पैकेज श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत सरकार लाई है। जो लोग यहां यह कह रहे हैं कि वहां इंडस्ट्री नहीं आई वह लोग वहां अफवाह फैला रहे हैं कि आपकी जमीने चली जाएंगी। उन्होने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर के लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उद्योग आने से वहां किसी की जमीन नहीं जाएगी। सरकार ने जम्मू और कश्मीर के औद्योगिक विकास के लिए एक नई केंद्रीय क्षेत्र योजना को मंजूरी दी है।

पहली बार, कोई भी औद्योगिक प्रोत्साहन योजना औद्योगिक विकास को ब्लॉक स्तर पर ले जा रही है और इससे जम्मू और कश्मीर के दूर-दराज के क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना की अवधि 28,400 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय सहित अधिसूचना की तारीख से वर्ष 2037 तक होगी। यह योजना नए निवेश, पर्याप्त विस्तार को प्रोत्साहित करेगी तथा जम्मू और कश्मीर में मौजूदा उद्योगों को पोषित भी करेगी। इसका उद्देश्य 4.5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाना है तथा क्षेत्र का समता मूलक, संतुलित और सतत् सामाजिक आर्थिक विकास करना है। इससे जम्मू कश्मीर के विनिर्माण क्षेत्र के साथ-साथ सेवा क्षेत्र की इकाइयों को लाभ होगा। इस योजना से जम्मू एवं कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र की स्थानीय शक्तियों का इष्टतम उपयोग हो पाएगा।

अमित शाह ने कहा कि लद्दाख को दो नए डिग्री कॉलेज दिए गए, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 5 नए टूरिस्ट सर्किट, सुदूर क्षेत्रों में सब्सिडाइज हेलीकॉप्टर की व्यवस्था शुरू करने और लगभग 7500 मेगावाट की क्षमता वाला देश का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा लगाने का भी प्लान किया गया है,इससे ढेर सारे लोगों को रोजगार भी मिलेगा। कारगिल हवाई अड्डे की फिजिबिलिटी स्टडी के लिए प्रशासन और विमानपत्तन विभाग के साथ एग्रीमेंट किया जा चुका है।

मिशन एग्रीमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट के तहत सर्दियों में भी किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े ऐसी व्‍यवस्‍था की गई है। ई-गवर्नेंस गांव तक पहुंचाने के लिए ढेर सारी सुविधाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा टेक्निकल यूनिवर्सिटी का भी अनुमोदन कर दिया गया है। 70 साल के बाद लद्दाख को भी दिल्ली में अपना भवन बनाने के लिए मंजूरी दे दी गई है।

उन्‍होंने कहा कि रोड कनेक्टिविटी में सुधार के लिए 578 किलोमीटर की सड़कों के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी गई है। लगभग 50000 करोड का पैकेज प्रधानमंत्री जी द्वारा आने वाले दिनों में लद्दाख को मिलने वाला है।