बच्चों के लिए डायपर हो सकता है हानिकारक

वर्तमान समय में मार्केट में बच्चों को लेकर कई तरह के महत्वपूर्ण प्रोडक्ट आ चुके है। अक्सर हमने देखा है कि बच्चे ​हंसते खेलते हूए रोने लग जाते है जिसकी सबसे बडी वजह उनका गिला हुआ डायपर होता है। वह गीलेपन की वजह से रोते है। आपको बता दे की छोटे बच्चों की ​त्वचा बहुत नाजुक होती है और उनके गीलेपन की वजह से उनके शरीर में खुजली और रैंसेज होने लगते है जो उनके लिए बहुत नुकसानदायक होता है।

हर मां अपने बच्चें के लिए हर चीज सबसे बेस्ट चाहती है लेकिन कभी कभी उनकी थोडी सी भी लापरवाही उनके बच्चें के लिए बहुत नुकसानदेह हो जाता है। अधिकतर मां को चिंता होती है कि बच्चे के शरीर पर गीलेपन की वजह से चकते पड जाते है। अगर ऐसा हो तो आप बच्चें के शौच करने के बाद उसें तुंरत दूसरा डापयर नहीं पहनाए बल्कि थोडी देर तक नितंबों को पूर्ण्तः सूखने दें और सूखने के बाद नितंबों पर नारियल का तेल या रेशज क्रीम लगाकर उनको दूसरा डयापर पहना दे।

वहीं आप अत्यधिक समय तक बच्चें को एक ही डायपर नहीं पहनाए इससे उनके शरीर में खुजली और चकते पडने का खतरा ज्यादा बढ जाता है इस लिए कभी कभी आप बच्चें को लगोट पहना दे या फिर थोडे थोडे घंटे में उनका डायपर पूर्ण्तः बदलते रहे। डायपर बदलने के साथ ही उनके उस भाग को अच्छी तरह से साफ करें। डायपर रेशेज से छुटकारा पाने के​ लिए कुछ घरेलू उपचार भी कर सकते है। उसके लिए कोशिश करे कि बच्चा जब भी घर पर उसे डायपर की जगह लगोंट पहनाए।