डाइटिंग से डिप्रेशन की आशंका भी बढ़ जाती है, जानिये कैसे !

Underweight girl choosing between cake and salad, healthy vs high-calorie food

माॅडर्न युग में हर लडकी खुद को परफेक्ट फिगर में देखने की चाहत रखती है और अपनी इस चाहत को पूरा करने के लिए वह कभी-कभी डाइटिंग का भी सहारा लेती हैं। डाइटिंग करना कुछ हद तक तो सही माना जाता है लेकिन अमूमन ऐसा करना आपके स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है। तो चलिए जानते हैं इसके हानिकारक प्रभावों के बारे में-

जब आप डाइटिंग करती हैं तो इससे आपका रोग प्रतिरोधक तंत्र कमजोर हो जाता है। साथ ही मस्तिष्क को जरूरी पोषक तत्व न मिलने से उसकी कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। इससे डिप्रेशन की आशंका भी बढ़ जाती है।

वहीं बेहतर स्वास्थ्य के लिए काबोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा बेहद जरूरी हैं। यही शरीर के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। लेकिन डाइटिंग के दौरान आपके शरीर में इनका बैलेंस बिगड जाता है। ऐसे मे सिर्फ आपका शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है।

अक्सर देखने में आता है कि जो महिलाएं डाइटिंग करती हैं, वे हमेशा सुस्त, चिडचिडी रहती है। उनका किसी भी काम में मन नहीं लगता। इसलिए आप अपनी स्वास्थ्य की जरूरतों के अनुसार डाइट प्लानिंग करें, जिसमें सभी पोषक तत्व संतुलित मात्रा में हों। याद रखें कि डाइटिंग की बजाए डाइट प्लानिंग एक बेहतर कॉन्सेप्ट है।

शायद आपको जानकर हैरानी हो लेकिन खानपान में गडबडी के कारण डिप्रेशन की समस्या होने की संभावना कई गुना बढ जाती है।

यह भी पढ़ें –

रूखी स्किन से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये उपाय !