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Diwali 2018: जानिए लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ मुहूर्त तथा पूजन विधि

दीपावली का त्यौहार हर वर्ष कार्तिक कृष्ण अमावस्या को मनाते है। इस दीपावली को अमावस्या तिथि 07 नवम्बर 2018 दिन बुधवार को रात में 09 बजकर 19 मिनट तक रहेगी, इस प्रकार उदया तिथि में अमावस्या का मान सूर्योदय से ही मिल रहा है।

इस बार दीपावली के अवसर पर प्रदोष काल का भी बहुत ही उत्तम योग मिल रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रदोष काल में दीपावली पूजन का श्रेष्ठ विधान है तथा प्रदोष काल में ही दीप प्रज्वलित करना उत्तम फल दायक होता है। शास्त्रों में ऐसा बताया गया है कि दिन-रात के संयोग काल को ही प्रदोष काल कहते है, जहां दिन विष्णु स्वरुप है वहीँ रात माता लक्ष्मी स्वरुपा हैं ,दोनों के संयोग काल को ही प्रदोष काल कहा जाता है।

प्रदोष काल शाम 05:42 से 07:37 बजे तक रहेगा।

पूजन एवं खाता पूजन हेतु शुभ मुहूर्त्त –

दिन में स्थिर लग्न कुम्भ दिन में 01:06 से 02:34 बजे तक रहेगा |

प्रदोष काल व्यापिनी स्थिर लग्न वृष शाम को 05:42 बजे से लेकर 07:37 बजे तक विद्यमान रहेगा।

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार दीपावली पर प्रदोष काल से लेकर अर्धरात्रि तक महालक्ष्मी पूजन मंत्र, जप, अनुष्ठान आदि करने का महत्व होता है। इसके अलावा रात्रि में चौमुखा घी का दीपक जलाकर लक्ष्मी सूक्त श्री सूक्त एवं कनक धारा स्तोत्र का पाठ करना शुभ होता है।
सूर्यास्त के समय अपने घर में जहां पूजन करना है वहां साफ सफाई करके गंगाजल से उस स्थान को शुद्ध कर लीजिए। अब एक नई चौकी पर नया लाल कपड़ा बिछाए। इससे पहले चौकी पर स्वास्तिक और शुभ लाभ के चिह्न बनाएं और गणेश लक्ष्मी की स्थापना करें। धन लक्ष्मी को चावल से बनी खीर और या फिर दूध से बने पकवानों का ही भोग लगाना चाहिए।

मंत्र: ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:॥

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