नवजात शिशु को नहलाते समय भूलकर भी न करें यह गलतियां, वरना…

नवजात शिशु बेहद कोमल होते हैं और इसलिए यह जरूरी है कि उनका सही तरह से ख्याल रखा जाए। नवजात की देख-रेख में एक छोटी-सी भी चूक उनके लिए काफी घातक साबित हो सकती है। बच्चों की साफ-सफाई का ख्याल रखने के लिए माताएं यूं तो बच्चों को नहलाती है, लेकिन उन्हें नहलाते समय बेहद सावधानी बरतना आवश्यक है। तो चलिए जानते हैं नवजात शिशु को किस प्रकार नहलाएं-

शुरूआती तीन महीनों में बच्चे को स्पॉन्ज बाथ करवाना चाहिए। दरअसल, इस दौरान बच्चे के नाभी में अम्बिकल कॉर्ड जुड़ा होता है जिसका ध्यान रखना आवश्यक होता है और यह बच्चे की त्वचा के लिए लाभकारी होता है।

जब बच्चे की अम्बिकल कॉर्ड निकल जाए तो आप उसे छोटे साइज के टब या सिंक में नहलाएं। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि उसमें पानी की मात्रा भी अत्यधिक न हो।

नवजात शिशु को ज्यादा देर तक पानी में रखकर नहीं नहलाना चाहिए। ऐसा करने से उसका स्वास्थ्य प्रभावित होने की आंशका बढ़ जाती है।

नवजात शिशुओं के लिए साबुन भी अलग होते हैं। इसलिए उन्हें नहलाते वक्त उनकी त्वचा का ध्यान रखें। इससे आंखों में साबून चला जाएगा तो उन्हें जलन होने लगती है और साथ ही त्वचा में भी जलन होने लगती है।

नवजात शिशु को नहलाने से पहले पानी का तापमान चेक करना बेहद आवश्यक है। ध्यान रखें कि पानी ना तो बहुत अधिक ठंडा हो और न ही बहुत अधिक गर्म।

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