इसे ना करें इग्नोर अगर आपके नाक में भी है ये दिक्कत

कभी-कभी नाक के अंदर बहुत ही ज्यादा दर्द होता है। यह तेज दर्द नाक के अंदर दाने होने की वजह से भी हो सकता है। इस तरह के छोटे-छोटे दाने शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में नाक में तेजी से विकसित भी होते हैं। जाहिर है नाक के भीतर की स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव होती है। इसलिए नाक में दाने होने से आपको बहुत ज्यादा परेशानी हो सकती हैं।

ऐसे दाने स्टेफिलाकोकास ऑरियस नामक एक भयंकर ग्राम पॉजिटिव बैक्टीरिया से होते हैं। यह बैक्टीरिया नाक के भीतर होता है। कई बार इससे दाने नहीं होते हैं लेकिन कभी-कभी यह बैक्टीरिया रोगजनक हो सकता है।

नाक के अंदर की झिल्ली नाखून या खरोंच से इंजर्ड हो सकती है। कभी-कभी ठंड के मौसम में नाक की झिल्ली सूख सकती है। ऐसी स्थिति में जीवाणु पैदा हो जाते हैं और इससे नाक के बालों पर फलीशोथिटिस या फोलिकुलिटिस हो जाते हैं। जो लोग एटोपिक डर्मटाइटिज से पीड़ित हैं उन्हें भी इस समस्या का खतरा होता है।

डॉक्टर के अनुसार, इन दानों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। कभी-कभी इस तरह के दाने बड़े हो जाते हैं और उनमें पस पड़ सकती है। इसलिए इसका सही तरह इलाज कराना बहुत जरूरी है।
नाक चेहरे का सबसे खतरनाक और सेंसिटिव हिस्सा है। डॉक्टर के अनुसार, इस हिस्से में ब्लड की आपूर्ति के कारण दिमाग में किसी भी तरह के इन्फेक्शन का फैलना आसान हो जाता है।
डायबिटीज के मरीजों को इस समस्या को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को इस समस्या का ज्यादा खतरा होता है। सबसे बड़ी बात अगर इसका इलाज ना कराया जाए, तो ये दाने बढ़ते रहते हैं।

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