हार्ट अटैक के इन लक्षणों को ना करे नज़रअंदाज़

हार्ट संबंधी बीमारियों से होने वाली मौतों की सर्वाधिक संख्या होने के बावजूद शायद यह बहुत आश्चर्यजनक नहीं है कि यहां बहुत से लोग सीने में किसी भी प्रकार के दर्द को हार्ट अटैक ही समझ लेते हैं। इसके परिणाम स्वरुप बहुत से लोगों को केवल सीने में दर्द की शिकायत या सीने में जलन की शिकायत के साथ अस्पताल ले जाया जाता है।

अटैक की संभावना से बचने के लिए बीमार और उसके आस-पास के लोगों को उपलब्ध संसाधनों के इस्तेमाल से हार्ट अटैक या इसकी संभावना से पैदा हुए तनाव के बीच भेद करने में सक्षम बनाना चाहिए।

तनाव या हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों के परीक्षण पर डाक्टरों ने कहा, बाद में दोनों ही बीमारियों में सांस लेने में दिक्कत होती है। कार्डियॉलजी के एक प्रमुख डॉक्टर के अनुसार सीने में जलन के कारण सांस लेने में तकलीफ नहीं होती है, वहीं दूसरी ओर हृदयाघात में सूजन और उलटी के लक्षण भी नहीं पाए जाते। इनका संबंध आमतौर पर सीने की जलन के मामले में होता है ।

सीने में जलन के कारण होने वाली बेचैनी का इलाज दवाओं से किया जा सकता है और इसे पेट में ऐसिड के स्तर को नियंत्रित करके किया जा सकता है। सीने में जलन के कारण बेचैनी होना और हार्ट अटैक के लक्षणों में हालांकि काफी समानताएं हैं, लेकिन चिकित्सा के संदर्भ में दोनों बीमरियों में कोई समानता नहीं है। हार्ट अटैक निश्चित की एक बीमारी है, जबकि सीने में जलन होना उसका एक मात्र लक्षण है।