छींक और हंसी भूलकर भी न रोकें, हो सकती है गंभीर बीमारियां

कई बार आप कुछ चीजें सार्वजनिक रूप से करना नहीं पसंद करते हैं ताकि आपका इंप्रेशन गलत न पड़े।जैसे-छींकना, हंसना या फाट करना। लेकिन क्या आप जानते हैं यहीं आपकी मामूली सी दिखने वाली आदत आपके लिये गंभीर हो सकती है। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाए… क्योंकि छींक दबाने से, हंसी रोकने से आपको कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।बॉडी की किसी भी नेचुरल रिएक्शन या प्रॉसेस को रोकने से बॉडी में कुछ नुकसान हो सकता है। अगर अभी भी आप यही सोच रहे हैं कि छींक दबाने से ऐसा क्या नुकसान होता है तो चलिए आपको बताते हैं इससे होने वाले हानिकारक प्रभाव के बारे में ।।

हंसी रोकने से बीमारी

बॉडी में कुछ हार्मोंस और एन्जाइम बनते हैं जो हंसने में मदद करते हैं। ये बॉडी में इमोशन की वजह से पैदा होता है। इसलिए अगर हंसी आए तो इसे न रोकें। साथ ही अगर आपको हंसी न आए तो न हंसे। ये हंसी बॉडी में कोई भी फायदा नहीं करती। इससे बिना भाव के हंसी से नसें चढ़ सकती है और पेट दर्द भी हो सकता है।

छींक रोकने से बीमारी

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि छींकते समय नाक से 160 किमी/घंटा की गति से हवा निकलती है। ऐसे में अगर छींक को रोका जाता है तो यही दबाव बाहर आने की बजाए शरीर के दूसरे अंगों सिर,आंख और कान पर पड़ता है जिसके कारण आपका ईयरड्रम भी फट सकता है और आपको हमेशा के लिए सुनाई देना बंद हो सकता है।

आंखों पर प्रभाव

छींक रोकने से आंख पर काफी हानिकारक असर पड़ता है।। इसकी वजह से आंखों की रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो जाती हैं। साथ ही इससे आपके गर्दन में भी मोच आ सकती है।

दिल का दौरा

वहीं छींक रोकने से अगर दबाव ज्यादा पड़ जाए तो कुछ मामलों में दिल का दौरा आने की भी आशंका रहती ही है।वहीं छींक रोकने से दिमाग की नसों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।

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