करें यह उपाय अगर आपके शरीर में है नासूर !

नासूर एक प्रकार की बीमारी ही है , जिसमें त्वचा का विकार यदि लम्बे समय तक ठीक न हो एवं अन्दर-ही-अन्दर बढ़ता जाए एवं घाव का रूप लेकर खोखला हो जाए, तो उसे नासूर कहते हैं। एलोपैथिक में इसके लिए एण्टीबायोटिक्स दवाओं का प्रयोग किया जाता है। उसके पश्चात् भी अगर लाभ न मिलता हो तो शल्य-क्रिया द्वारा इसका उपचार किया जाता है।

इसके लिए आयुर्वेदिक घरेलू इलाज

नासूर होने पर हल्दी में लौंग पीसकर लगाना चाहिए,  इससे नासूर जड़ से दूर हो जाता है।

नासूर व भगन्दर के लिये आधा सेर जल में 2 रत्ती नीला थोथा (तूतिया) बारीक पीस कर मिला लें। इस जल से आबदस्त लेने पर भगन्दर के फोड़े का बहना बन्द होकर उसकी चीस, दर्द आदि दूर होते हैं।

निर्गुण्डी की जड़ का चूर्ण घृत और शहद के साथ मिलाकर लगाते हैं।

आक और थूहर के दूध में दारू हल्दी का चूर्ण घोलकर रूई की बत्ती तर करें और नासूर में रखें, रोज बत्ती बदलते रहें, नासूर जड़ से उखड़ जायेगा।

अडूसे के पत्तों की पुल्टिस घाव एवं नासूर में शीघ्र लाभ करती है।

प्रातः दो नीबू पानी में निचोड़ कर नित्य पीने से नासूर ठीक हो जाता है, गुड़, शक्कर, दालें न खायें।

आक के दूध में रूई की बत्ती भिगोकर सुखा लें फिर सरसों के तेल में जला कर मिट्टी के बर्तन में काजल बनाकर नासूर पर लगायें।

नीम की पत्तियों की पुल्टिस बाँधें।

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