कहीं आपको भी डायबिटीज तो नहीं?

अनुवांशिकता को छोड़ दें तो डायबिटीज पूरी तरह से गलत लाइफस्टाइल के कारण होती है। ये वो बीमारी है जो कई बीमारियों के होने का कारण बनती है। इस बीमारी में शरीर अंदर से खोखला सा होता जाता है। इसलिए जरूरी है कि इस बीमारी को होने देने से खुद को बचाया जाए। आपको पता है कई बार हम डायबिटीज के लक्षण को समझ ही नहीं पाते और उसे सामान्य समझते हैं। यीस्ट इंफेक्शन का होना या मुंह से बदबू आना भी डायबिटीज का लक्षण है। यही नहीं अगर बार बार आपका मूड बिगड़ता रहता है वह भी बेवजह तो संभल जाइए। वैसे भी अगर आपकी उम्र 40 की हो गई तो अपने रुटीन चेकअप में ब्लड शुगर जांच भी शामिल करा लें। 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे है, आइए आज डायबिटीज के उन सामान्य लक्षणों के बारे में बात करें जो दिखते भी हैं लेकिन हम उन्हें सामान्य समझने की गलती कर बैठते हैं।

बार-बार यीस्ट इंफेक्शन होना-

समान्यत: पैर या हांथों के उंगलियों के बीच ये इंफेक्शन होता है। कई बार हो तो आप सतर्क हो जाएं,क्योंकि ये भी डायबिटीज का लक्षण है। यही नहीं कई बार छोटे घाव या कटने पर भी जल्दी घाव नहीं भरता तो आप तुरंत ब्लड शुगर की जांच कराएं।

मूड स्विंग या ज्यादा गुस्सा आना-

डायबिटीज के शुरुआती लक्षण में मूड स्विंग होना या बेवजह गुस्सा बहुत ज्यादा आना भी होता है। चिड़चिड़ापन रहने से आदमी अन्य लोगों से कटने लगता है। यही कारण है कई बार डायबिटीज का पेशेंट डिप्रेशन में भी आ जाता है। इसलिए यदि आपके मूड में बदलाव नजर आए या आपके जानने वालों का व्यवहार पल-पल में बदल रहा हो तो उसकी जांच जरूर करा लें क्योंकि ये लक्षण किसी-किसी में ही नजर आता है।

पैरों में झंझनाहट-

अचानक ही पैरों में झंझनाहट होने लगे और फिर खुद ही ठीक हो जाए। अगर ये लक्षण बार+बार हो रहा हो तो आप इसे खतरे की घंटी ही समझें। अपने ब्लड शुगर की जांच तुरंत कराना ही बेहतर होगा।

बहुत भूख लगना-

अचानक से आपको लगे की आपके शरीर में जान ही नहीं। कमजोरी इतनी हो की ऐसा लगे की आपने जाने कब से खाना नहीं खाया। या बार बार आपको बहुत तेज भूख लगे तो समझ लें की डायबिटीज ने दरवाजा खटखटा दिया है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शुगर हाई होने से शरीर में मौजूद ग्लूकोज उसे मैनेज नहीं कर पाता। ग्लूकोज का रक्त में संचार धीमा हो जाता है।

बहुत प्यास लगना, टॉयलेट जाना और ब्लर नजर आना-

अगर अचानक ही आपकी नजर कमजोर हो जाए और आपको साफ नजर न आए यानी कुछ ब्लर नजर आए तो भी सावधान हो जाएं। ये भी डायबिटीज का लक्षण है। ये ब्लड में शुगर लेवल बढ़ने के कारण होता है। कम होते ही यह समान्य हो जाता है।

खानपान और व्यायाम से डायबिटीज को कहें बॉय-बॉय-

ऐसा नहीं है कि डायबिटीज हो गई तो अब उम्र भर के लिए आप रोना ही रोते रहें। इसे कंट्रोल में रख कर आप समान्य जीवन जी सकते हैं। यही नहीं कभी-कभी आप भी अपनी पसंद का मीठा व्यंजन खा सकेंगे लेकिन याद रखें तभी जब आप नियमित रूप से अपने खानपान पर कंट्रोंल रखते हो और व्यायाम करते हों। आइए जानते हैं कि डायबिटीज में क्या खाना चाहिए और कैसा और कितना व्यायाम करना चाहिए।

हफ्ते में कम से कम 150 मिनट आपको व्यायाम करना जरूरी है। अगर आप स्वस्थ हैं तो आप एरोबिक्स, जॉगिंग, स्वीमिंग और ब्रिस्क वॉक कर सकते हैं। धीरे-धीरे शुरू कर के इसे हर दिन करीब 45 मिनट तक करें। अगर आप इंसुलिन लेते हैं तो आपको डॉक्टर की सलाह पर ही व्यायाम करना होगा। समान्यत: आप हल्की वॉक कर सकते हैं।

ऐसा हो खाना आपका-

आपके खाने में चीनी, चावल और आलू और ऐसी ही प्रजाति की सब्जियां दूर हो जाएंगी। करेला, जौ गेहूं की दलिया, लहसून, जामुन, ब्लू बेरी आदि का सेवन बढ़ा देना होगा। साथ ही मेथी के दाने या साग, लौकी आदि ऐसी हरी सब्जी खूब खाएं। याद रखें एक बार में भरपेट न खाएं बल्कि हर दो घंटे पर बहुत थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कुछ न कुछ खाएं। आर्टिफिशियल शुगर से भी बच कर रहें। मीठा खाने का बहुत मन हो तो कुछ फल ले सकते हैं। ब्लू बेरी के पत्ते, बेल के पत्ते और कालीमिर्च के साथ लें। ये बहुत ही कारगर होते हैं ।