कहीं आप भी तो नहीं कर रहे है ठण्ड में इन लक्षणों को नजरअंदाज

यह तो आपको भी पता है कि ठंड अब अपने पूरे शबाब पर है। पहाड़ों में बर्फबारी शुरू होते ही मैदानी इलाकों में भी कनकनाती गलन वाली ठंड शुरू हो गई है। ऐसे में जरा सी लापरवाही कई बार खतरे का कारण बन सकती है। ठंड लगने के कुछ मिनटों में ही इसके लक्षण नजर आने लगते हैं। अगर ठंड जबरदस्त तरीके से लग जाए तो इससे जान तक जा सकती है,इसलिए याद रखें ठंड को नजरअंदाज करने की भूल कभी न करें।

ठंड लगने के लक्षण बहुत ही समान्य से होते हैं लेकिन इनके गंभीर होने में ज़रा भी देरी नहीं लगती है। आइए आपको बताते हैं की ठंड लगने के लक्षण क्या हैं और इसका देशी उपचार क्या होता है। हालांकि घर में देशी उपचार के भरोसे ही नहीं रहना चाहिए। डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए। देशी उपचार इसलिए होता है कि इमरजेंसी में इससे शरीर अंदर से गर्म बनता है और मरीज को थोड़ी राहत महसूस हो।

लूज मोशन और पेट में असहनीय मरोड़

सबसे पहला लक्षण ठंड का यही होता है कि पेट में मरोड़ के साथ दर्द शुरू होता है जो लूज मोशन के साथ अपने चरम तक पहुंच जाता है। यही नहीं उल्टी सा महसूस होना या आना भी इसके लक्षण होते हैं। समान्य से रहते हुए अचानक ही यह दर्द उठता है। दर्द कई बार इतना तेज होता है कि दवा लेने पर भी ये ठीक नहीं होता और उलटी के साथ दवा भी निकल जाती है। ऐसी स्थिति जब भी दिखे यह समझ जाएं कि ठंड आपको लग चुकी है और डॉक्टर से तुरंत मिलने का वक्त आ गया है।

बुखार के साथ जुकाम

ये तब होता है जब ठंड हल्की सी शरीर को छू जाती है। बुखार के साथ नाक बहना और शरीर में तेज दर्द होना इसके लक्षण है। बुखार की दवा दे कर आराम करना चाहिए। साथ ही जुकाम की स्थिति में स्टीम लेना भी बहुत फायदेमंद होता है। डॉक्टर को दिखाना जरूरी होगा ऐसी स्थिति में क्योंकि कई बार वायरल भी हो जाता है।

सीने में दर्द और सांस लेने में दिक्कत

कई बार ठंड लगने पर सीने में भारीपन और सांस लेने में दिक्कत भी होने लगती है। हाथ पैर में अकड़न और उंगलियों को अकड़ जाना भी देखा जाता है। सिर में तेज दर्द के साथ चक्कर आना और उल्टी आना सब कुछ एक साथ शुरू हो जाता है। ऐसे में बिना कुछ सोचे समझे इमरजेंसी में डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि ये ठंड लगने का सबसे गंभीर परिणाम होता है जो आपका शरीर झेल रहा होता है। उन लोगों को अपना ठंड में खास ख्याल रखना चाहिए जिन्हे अस्थमा या ब्रोंकाइटिस की समस्या है। अस्थमा पेशेंट्स को अपना इन्हेलर हमेशा साथ रखना चाहिए।

Loading...