क्या आप जानते हैं ट्रैवल एंग्जाइटी के बारे में?

यह तो हम सभी जानते हैं कि ट्रैवल आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक रूप से बदलाव करता है। इससे न सिर्फ आपके ज्ञान का दायरा बढता है, बल्कि इससे आपका आत्मविश्वास भी बढता है। साथ ही सिर्फ अपनी घुमक्कडी के कारण लोग एक बेहतर इंसान बन पाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसे भी बहुत से लोग होते हैं जो ट्रैवल एंग्जाइटी से पीडित होते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

  • जो लोग यात्रा पर जाने से पहले तो बेहद उत्साहित रहते हैं लेकिन जैसे-जैसे दिन करीब आता है, उनके अंदर यात्रा को लेकर घबराहट बढ़ने लगती है। इनमें यात्रा के दौरान चिंता और व्यग्रता के लक्षण अधिक नजर आते हैं। इस स्थिति को ट्रैवल एंग्जाइटी कहते हैं।
  • ट्रैवल एंग्जाइटी में अक्सर लोगों को यात्रा से पहले वाली रात को नींद नहीं आती है। कुछ लोगों में पेट खराब होने की समस्या देखी जा सकती है। चिड़चिड़ापन, बेचैनी और घबराहट देखने को मिलती है। यात्रा पर निकलने के बाद भी बार-बार सामान चेक करने की आदत हो जाती है।
  • यह समस्या उन लोगों में अधिक देखने को मिलती है जो यात्रा पर बहुत कम निकलते हैं। उनमें भी यह समस्या देखने को मिलती है जो रोजमर्रा के दिनों में भी अधिक चिंतित रहते हैं। कुछ लोगों को पहाड़ों पर जाने से घबराहट होती है तो कुछ लोगों को फ्लाइट से सफर करने के बारे में सोच कर चिंता सताने लगती है।
  • वहीं ऐसे लोग नई जगह पर जाने के बारे में सोचकर ही परेशान होने लगते हैं। इसके अतिरिक्त कई बार तैयारी पूरी नहीं होने, परिवेश या फिर यात्रा के माध्यम को लेकर भी लोग चिंतित रहते हैं। ऐसे में वे यात्रा पर जाने से एक दिन पहले असहज महसूस करने लगते हैं। विमान से यात्रा करना, ट्रिप से पहले नहीं, बल्कि ट्रिप के दौरान एंग्जाइटी का शिकार होना आदि भी ट्रैवल एंग्जाइटी का कारण बनते हैं।

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