वायु प्रदूषण के चलते दवाइयां भी बहुत बेअसर होती जा रही है

वर्तमान समय में हर शहर में प्रदूषण इतना ज्यादा हो रहा हैं जिससे हमारे शरीर पर इसका बहुत ही नकारात्मक असर पडता हैं। वायु प्रदूषण हमारे सांस के जरियें हमारे फेफडों तक पहुंच कर हमारी स्वच्छ सांस को बुरी तरह प्रदूषित करता हैं। वायु प्रदूषण के चलते हमारे शरीर में कई तरह की बिमारियां भी होती हैं। इसका हमारे चेहरे पर भी बहुत बुरा असर पडता हैं। जब हमारे इससे स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां भी आती हैं तो हम इसके ईलाज के लिए एंटीबॉयोटिक दवाईयां भी लेते हैं।

लेकिन हम आपकेा बतां दें कि वायु प्रदूषण के चलते ये दवाईयां भी बहुत बेअसर हो जाती हैं। ब्रिटेन के लीसेस्टर विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर ने बताया कि हमें एक अध्ययन से यह मदद मिली है कि किस तरह वायु प्रदूषण मानव जीवन पर बहुत बुरा असर डालता है। उन्होंने कहा, इससे पता चलता है कि संक्रमण पैदा करने वाले जीवाणुओं पर वायु प्रदूषण का बहुत प्रभाव पड़ता है। वायु प्रदूषण से संक्रमण का प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

इस शोध का प्रकाशन पत्रिका एन्वायरमेंटल माइक्रोबायोलॉजी में हुआ है। इसमें कहा गया हैं कि वायु प्रदूषण कैसे हमारे शरीर के श्वसन तंत्र (नाक, गले और फेफड़े) को बहुत प्रभावित करता है। यह डीजल, जैव ईंधन व बायोमास के जलने से पैदा होता है। एक शोध से यह पता चला है कि यह प्रदूषक जीवाणु के उत्पन्न होने और उसके समूह बनाने की प्रक्रिया को ही बदल देता है।

यह शोध दो मानव रोगाणुओं स्टेफाइलोकोकस अयूरियस और स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया पर किया गया। सबसे प्रमुख बात यह हैं कि जिस तरह से वायु प्रदूषण का दबाव बढता जा रहा हैं इससे हमारी सेहत पर नकारात्मक असर पडता हैं। इससे ज्यादातर परेशानी का सामना जो लोग वृद्ध हैं उनको करना पड़ता हैं। उनको ऐसे इलाकों में जाने से बचना चाहिए जहां पर प्रदूषण की मात्रा ज्यादा होती हैं।

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