इस तरह खाएं तुलसी के पत्ते बहती नाक को रोकने के लिए

चाहे सर्दी हो या गर्मी जुखाम कभी लग सकती हैं। कई बार नाक हद से ज्याद बहने लग जाती हैं। जिससे हम परेशानियों का सामना करना पडता है। बच्चों का बदलते मौसम की वजह से नाक बह रहने की समस्या हो तो तुलसी के सेवन से राहत मिलती है। चलिए जानते हैं तुलसी के पत्तों से किस प्रकार से रोके बहती नाक…
बादाम, काली मिर्च और तुलसी : तुलसी के दस पत्ते, पांच काली मिर्च और चार बादाम को पीसकर आधा गिलास पानी में एक चम्मच शहद के साथ लेने से दिल संबंधी रोग ठीक होते हैं।
तुलसी के पत्ते : तुलसी के पत्तों के रस आंखों में काजल की तरह लगाने से आंखों की रोशनी तेज होती है।

गुड और तुलसी के पत्ते : तुलसी के पत्तों के साथ थोड़ा सा गुड़ मिलाकर दिन में दो बार खाने से बहती नाक रूक जाती है।
दो तुलसी के पत्ते : बच्चों को सुबह नाश्ते से पहले तथा रात को सोने से पहले तुलसी के 2 पत्ते खिलाने चाहिए।
दूध और तुलसी के पत्ते : बच्चे के दूध में तुलसी के एक-दो पत्ते उबाल कर पिलाने से जुखाम नही होता।
शहद,तुलसी और अदरक : शहद,तुलसी तथा थोड़ा सा अदरक मिलाकर गाढ़ा पीने से कफ तथा सर्दी की परेशानी दूर हो जाती है।
काली मिर्च और तुलसी : दस तुलसी के पत्ते तथा 5 काली मिर्च पानी में मिलाकर उबाल लीजिए तथा इसे पीने से बुखार से राहत मिलती है।

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