बहुत ज्यादा प्रोटीन मिलता है सोयाबीन खाने से

महज सौ ग्राम में करीब 36 ग्राम प्रोटीन देने वाला शुद्ध शाकाहारी भोजन और कोई नहीं है। कीमत इतनी कि हर किसी के बजट में फिट हो जाए। पहलवानी करने वाले शाकाहारी लोगों के लिए ये दाने किसी वरदान से कम नहीं हैं। पोषक तत्‍वों से भरे यह दाने हर उस शख्‍स के लिए हैं जो बॉडी बनाना चाहता है। इसे आप कैसे भी खा सकते हैं।

सौ ग्राम सोयाबीन में 36 ग्राम प्रोटीन, 20 ग्राम फैट, 30 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 9 ग्राम फाइबर और कुल 446 कैलोरी होती है। सब जानते हैं कि प्रोटीन के बिना मसल्‍स नहीं बनते और प्रोटीन जुटाना इतना आसान नहीं होता। मगर इस टफ काम को सोयाबीन ने काफी हद तक आसान कर दिया है। आजकल प्रोटीन पाउडर पर इतना जोर है कि जिम जाते एक महीना भी नहीं होता कि लोग सप्‍लीमेंट खरीद लेते हैं, जबकि आपको सबसे पहले अपनी डाइट दुरुस्‍त करनी होती है। नॉन वेज खाने वाले लोग इस मामले में थोड़ा लकी होते हैं उनके पास प्रोटीन का अच्‍छा इंतजाम होता है मगर शाकाहारी लोगों को थोड़ा सोचना पड़ता है। इसलिए वो सबसे पहले प्रोटीन पाउडर की ओर भागते हैं। मगर शाकाहारी लोगों को किसी भी तरह के फूड सप्‍लीमेंट को इस्‍तेमाल करने से पहले आपको सोयाबीन का इस्‍तेमाल करना चाहिए।

सोयाबीन के दानों में एक कमी भी है – कमी यह है कि इसमें फैट की मात्रा भी ठीक ठाक होती है। सौ ग्राम सोयाबीन में 20 ग्राम फैट होता है। अगर आप गेनिंग कर रहे हैं तो बेधड़क इसका इस्‍तेमाल करें। हालांकि जो लोग प्रोफेशनल लीन बॉडी बनाना चाहते हैं उन्‍हें इससे परहेज करना पड़ता है।

क्‍या सोयाबीन से टेस्‍टोस्‍टेरोन का लेवल कम होता है

यह सवाल आजकल बहुत पूछा जा रहा है, जिसकी वजह है सोयाबीन के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान। दरअसल सोयाबीन के चलते फूड सप्‍लीमेंट की ब्रिकी प्रभावित होती है। कई लोग इसे बड़े पैमाने पर अपनी डाइट में शामिल करते हैं इससे उनकी फूड सप्‍लीमेंट पर डिपेंडेंसी कम हो जाती है। ये बात सच है कि सोयाबीन से बॉडी का एस्‍ट्रोजेन लेवल बढ़ जाता है, लेकिन इससे परेशान होने वाली कोई बात नहीं। कमी निकालने को लोग ताजमहल में भी निकाल देते हैं। हर चीज में कुछ खासियतें और कुछ कमियां होती हैं। सोयाबीन की खासियतें उसकी कमियों के आगे बहुत बड़ी हैं। पुरुषों का टेस्‍टोस्‍टेरोन लेवल एक तस्‍वीर देखकर ही कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए घबराएं नहीं और अपनी डाइट में सोयाबीन के दानों को शामिल करें। हालांकि हम ये नहीं कहेंगे कि सुबह शाम सोयाबीन ही खाते रहें। अगर आप अच्‍छी कसरत कर रहे हैं तो दिन में 200 ग्राम तक खा सकते हैं।

सोयाबीन को कैसे खाएं – भिगोकर खाएं, उबाल कर खाएं, पीसकर खाएं, भूनकर खाएं जैसे मन करे वैसे खाएं। सबसे सही तरीका है भिगोकर खाने का उसके बाद उबाल कर। हालांकि इसके दाने आसानी से उबलते नहीं। कच्‍चा खाने में इसका स्‍वाद बहुत अच्‍छा नहीं होता लेकिन बहुत बुरा भी नहीं होता। इसमें प्‍याज, टमाटर काट लेंगे तो स्‍वाद बढ़ जाएगा। सोयाबीन के साथ मूंग भी भिगोया करें। सोयाबीन को गेहूं के साथ पिसवा कर उसकी रोटियां भी खा सकते हैं। हालांकि ऐसी रोटियां काफी रुखी हो जाती हैं।

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