Monetary Policy का प्रभाव: रेपो रेट बढ़ने से घर, कार और अन्य कर्ज होंगे महंगे, लेकिन जमा पर मिलेगा अधिक ब्याज

आरबीआई की मौद्रिक नीति से होम लोन की ईएमआई (EMI) भरने वालों को अधिक भुगतान के लिए कमर कस लेनी चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट में इजाफा किए जाने के बाद से बैंक लोन की दरों में बढ़ोतरी शुरू कर देंगे औा यह बढ़ोतरी एक दशक में सबसे तेज रहेगी।

बता दें आरबीआई ने आज मोनेटरी पॉलिसी का ऐलान करते हुए रेपो रेट 0.50 फीसद बढ़ा दिया है। इससे उपभोक्ताओं के लिए घर, कार और अन्य कर्ज और ज्यादा महंगे हो जाएंगे। हालांकि, इसके बाद जमा पर मिलने वाले ब्याज में बढ़ोत्तरी होने की भी उम्मीद रहती है।

बता दें रेपो रेट को 0.50 फीसद बढ़ाने का ऐलान किया। रेपो रेट अब 4.90 से बढ़कर 5.40 फीसद पर पहुंच गया है। दास ने यह भी कहा कि समिति ने सर्व सम्मति से यह फैसला लिया है। रिजर्व बैंक का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 16.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।

चौथी तिमाही तक वृद्धि दर घटकर चार प्रतिशत रह जाएगी। हालांकि, इसके साथ ही दास ने आगाह किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से वृद्धि दर के लिए जोखिम हो सकता है। केंद्रीय बैंक ने अप्रैल में 2022-23 की वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया था। इससे पहले रिजर्व बैंक ने अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

महंगाई और आर्थिक वृद्धि बड़ी चुनौती

इस बढ़ोतरी से पहले रिजर्व बैंक मई में 0.40 फीसदी और जून में 0.50 फीसदी का इजाफा रेपो दर में कर चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि दरें बढ़ने से महंगाई पर अंकुश तो लगता है,लेकिन विकास दर घटने का भी खतरा रहता है। हालांकि आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की 7.2 प्रतिशत की वृद्धि दर के अनुमान को कायम रखा है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत ने शुक्रवार को यहां चालू वित्त वर्ष की चौथी मौद्रिक समीक्षा पेश करते हुए कहा कि शहरी मांग में सुधार हो रहा है। सामान्य मानसून से ग्रामीण मांग में भी धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है। दास ने कहा कि देश को सतत वृद्धि की राह पर ले जाने के लिए केंद्रीय बैंक मूल्य स्थिरता को लेकर प्रतिबद्ध है।

जमा पर फायदा देने में निजी बैंक आगे

एसबीआई दो करोड़ से कम के जमा पर सबसे ज्यादा पांच से 10 वर्ष की अवधि में वरिष्ठ नागरिकों को 6.3 फीसदी ब्याज दे रहा है और अन्य को 5.5 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है। डीसीबी बैंक 6.60 प्रतिशत, आरबीएल बैंक 6.55 प्रतिशत, इंडसइंड बैंक 6.50 प्रतिशत और कुछ छोटे बैंक आठ फीसदी तक ब्याज दे रहे हैं। अब इसमें और बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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