आप के लिए चुनाव समाज में परिवर्तन का एक जरिया: केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के लिए चुनाव सत्ता पाने का एक साधन नहीं है, बल्कि देश और समाज में परिवर्तन लाने का एक जरिया है। केजरीवाल ने रविवार को पार्टी के देशभर के कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के लिए चुनाव सत्ता पाने का एक साधन नहीं है, बल्कि देश और समाज में परिवर्तन लाने का एक जरिया है। हमारा मकसद एक पार्टी बदल कर दूसरी पार्टी सत्ता में लाना नहीं है, बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था को उखाड़कर एक ईमानदार व्यवस्था लागू करना है। ‘आप’ की दिल्ली की सरकार ने देश के लोगों को यह उम्मीद दी है कि बदलाव संभव है और देश बदल तो सकता है।

आप के संयोजक ने कहा कि हमारे सामने पूरा का पूरा भ्रष्ट तंत्र और बड़ी-बड़ी पार्टियां हैं। उनके पास अथाह पैसा है, लेकिन हमारे पास हमारा जूनून और हमारी देशभक्ति है। लोगों को बताएं कि दिल्ली में कैसे हमने बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, सड़कें ठीक कर दिए और ‘आप’ की सरकार बनी तो उस राज्य में भी अच्छे काम करेंगे। आज सरकार का मतलब हो गया है कि मंत्रियों और विधायकों को सारी सुविधाएं फ्री में मिले और जनता दर-दर की ठोकर खाती रहे।
हम सरकार की परिभाषा बदलेंगे। अब मंत्री और विधायक सेवा करेंगे और जनता को सारी सुविधाएं मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि पार्टियां बदलने से कुछ नहीं होगा। पार्टियां बदलते-बदलते 70 साल हो गए। कुछ बदला? सब कुछ वैसे का वैसा है। हमें पूरा का पूरा सिस्टम बदलना होगा। आम आदमी पार्टी के लिए चुनाव देश और समाज में परिवर्तन करने का एक जरिया है। हमारे लिए चुनाव बदलाव लाने का एक मौका है।
आप जब चुनाव प्रचार के लिए निकलो, तो इस समझ और इस भाव के साथ निकलना कि आप देश में एक बड़े परिवर्तन के लिए काम कर रहे हैं। आप चुनाव प्रचार नहीं, देश भक्ति का काम कर रहे हैं। इस चुनाव के जरिए आपका मकसद एक पार्टी बदल कर दूसरी पार्टी सत्ता में लाना नहीं है। बल्कि आपका मकसद है, भ्रष्ट व्यवस्था को उखाड़कर एक ईमानदार व्यवस्था लागू करना है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने यह साबित कर दिया कि बदलाव संभव है। परिवर्तन हो सकता है।

उन्होंने कहा कि आज तक इन पार्टियों ने हमें हमेशा यह बताया है कि सरकार चलाना बड़ा मुश्किल है। सरकार चलाने में थोड़ी बहुत बेइमानी करनी पड़ती है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने यह साबित कर दिया कि सरकारें ईमानदारी से भी चल सकती हैं। इन पार्टियों ने अभी तक हमें बताया कि चुनाव लड़ने के लिए खूब पैसा चाहिए और चुनाव जीतने के लिए बेइमानी करनी पड़ती है। आम आदमी पार्टी ने यह साबित कर दिया कि चुनाव ईमानदारी से लड़े भी जा सकते हैं और जीते भी जा सकते हैं। आज तक हमें बताया गया कि सरकारी स्कूल ठीक नहीं हो सकते हैं। सरकारी स्कूलों को कॉरपोरेट सेक्टरों को दे देना चाहिए। आज तक हमें बताया गया कि गरीबों के बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दी जा सकती।

आम आदमी पार्टी की दिल्ली की सरकार ने यह साबित कर दिया कि सरकारी स्कूल भी शानदार बन सकते हैं और गरीबों को बच्चों को अमीरों के बच्चों की जैसी शानदार शिक्षा भी दी जा सकती है। ये पार्टियां 75 साल में भी सरकारी अस्पताल ठीक नहीं कर पाईं। लेकिन हमने पांच साल में ठीक कर दिया। इसलिए हो तो सकता है। बदलाव संभव है। देश बदल तो सकता है।

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