शहर में फ्लॉप हो रहे इलेक्टिक वाहन

शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों का आगमन हो चुका है। तमाम शो रूम में इलेक्ट्रिक वाहनों का स्टॉक मौजूद है लेकिन इनके खरीददारी की रफ्तार बहुत ही कम है क्योंकि इनकी बिक्री जितनी होनी चाहिए उतनी नहीं हो रही है। इलेक्ट्रिक वाहन में सभी कैटेगरी के वाहन आ चुके है लेकिन इनकी रेट डीजल और पेट्रोल वाहनों की तुलना में दोगुना होने के कारण इसके रजिस्ट्रेशन में तेजी नहीं आ रही है।

सूरत के पाल आरटीओ में इस साल जनवरी से अब तक इलेक्ट्रिक वाहनों की रजिस्ट्रेशन में दो हजार का भी नहीं हो सका है। जबकि उम्मीद थी कि इस साललगभग 10 हजार इलेक्ट्रिक वाहनों की  दशहरा तक  रजिस्ट्रेश होती लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

इतने इलेक्ट्रिक वाहनों की रजिस्ट्रेशन 

-मोपेड – 461
-मोटर सायकल – 335
-मोटर कार – 104
-कंस्ट्रक्शन वेहिकल – 165
-बस  -36
-गुड्स कैरियर – 27
-ट्रांसपोर्ट वाहन -160
-थ्री व्हीलर – 150
-अन्य वाहन -232
-कुल -1670

इसलिए कम वाहनों की रजिस्ट्रेशन 

सूरत आरटीओ के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर हार्दिक पटेल ने बताया कि जनवरी महीने से अब तक इस साल केवल 1670 इलेक्ट्रिक वाहनों रजिस्ट्रेशन आरटीओ में हुई है। दिवाली तक लगभग हजार वाहन और रजिस्टर्ड हो जाए ऐसा उम्मीद कम है। क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत ज्यादा है जिससे लोग इसे खरीदने में कतराते है। सबसे ज्यादा मोटर सायकल ही रजिस्ट्रेशन हुए है। जबकि चार पहिया में निजी कार केवल 104 ही  रजिस्टर्ड हुए हैं।

चार्जिंग की समस्या 

जानकारों ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों की कम बिक्री के पीछे इसकी चार्जिंग भी एक वजह है क्योंकि रूरल एरिया में चार्जिंग पॉइंट की किल्ल्त है जबकि शहरी इलाको में ही चार्जिंग फैसिलिटी है।  ऐसे में यदि आप सूरत से गांधीनगर जाना चाहते है तो शायद ही इलेक्ट्रिक कार से जाना पसदं करेंगे क्योंकि बीच में चार्जिंग फैसिलिटी नहीं  मिली तो समस्याओ से दो चार होना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें: अफगानिस्तान: लड़कियों को पढ़ने की मिल सकती है इजाजत