सेहत के लिए नीलगिरी का तेल है बहुत फायदेमंद, जानें कैसे

नीलगिरी का तेल स्वाद में बहुत एकदम हट कर होता है। इसे अंग्रेजी में युकेलीप्टस कहा जाता है। इस पौधे में बहुत से पोषक तत्व पाए जाते है। इस पेड़ को विभिन्न जगहों पर अलग अलग नाम से जाना जाता है – फीवर ट्री (fever tree), ब्लू गम ट्री (blue gum tree) या स्ट्रिंगी बर्क ट्री।

युकेलीप्टस एंटीपासमोडिक (antispasmodic), स्टिम्युलेटिंग (stimulating), जलनरोधी, डिओड्रेंट (deodorant), एंटीसेप्टिक (antiseptic), डीकंजेस्टेन्ट (decongestant), एंटी बैक्टीरियल (antibacterial) गुणों से भरपूर होता है। आइये जानते है युकेलीप्टस पेड़ के कुछ फायदे –

अस्थमा की बीमारी को दूर करने में युकेलीप्टस बहुत फायदेमंद होता है। ध्यान रखें कि अस्थमा अटैक आने पर युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल की कुछ बूँदो से छाती की मालिश करें। इसके अलावा आप इस रोग से बचने के लिए युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल को भी सूंघ सकते है, इससे बहुत फायदा मिलेगा।

युकेलीप्टस (eucalyptus) का तेल ब्रोंकाइटिस की बीमारी से छुटकारा दिलाने में असरदार होता है। इस तेल की पीठ व गले पर मालिश करें। इसके अलावा आप इसे सूंघ भी सकते है।

युकेलीप्टस शरीर के टेम्परेचर को कंट्रोल में रखने में बहुत लाभदायक होते है। इसके लिए आप स्प्रे बोतल में युकेलीप्टस के तेल को पुदीने के साथ मिला के रख लें। फिर इस मिक्सचर को अपनी बॉडी पर छिडकें। ऐसा करने से आपके शरीर को बहुत ठंडक मिलेगी।

एनीमिया को कंट्रोल में रखने के लिए युकेलीप्टस (eucalyptus) का तेल हर दिन इस्तेमाल करना चाहिए। इसके सेवन से डायबिटीज से भी बचा जा सकता है। इसके लिए आप युकेलीप्टस तेल की कुछ बूंदे अपनी हथेलियों पर रगड़ लें।

युकेलीप्टस का तेल अधिकतर टूथपेस्ट (tooth pastes), माउथवाश (mouth wash) और दांतों से सम्बन्धी चीज़ो में इस्तेमाल किया जाता है। यह दांतों के प्लाक, कैविटी, जिंजिवाइटिस को दूर करने में बहुत असरदार होता है।

आर्थराइटिस से जूझ रहे पेशेंट्स भी युकेलीप्टस (eucalyptus) के तेल को उपयोग में ला सकते है। दर्द से बचने के लिए इस तेल की मालिश अवश्य करें। युकेलीप्टस तेल में जलनरोधी व दर्दनिवारक तत्त्व पाए जाते है।

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