कैल्श्यिम का ज्यादा सेवन पहुंचाता है शरीर के इस अंग को नुकसान

हमें तंदरुस्त रहने के लिए बहुत सारी चीजें जरूरी होती है। हमारी सेहत के लिए कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन , खनिज आदि बहुत ही आवश्यक होता है। लेकिन आपने ये बात तो जरूर ही सुनी होगी कि किसी भी चीज की अति ज्यादा अच्छी बात नहीं होती है। ठीक वैसे ही कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन, खनिज आदि की भी अति हो जाना सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। जानिए कैसे-

कहा जाता है कि हमारी सेहत के लिए कैल्शियम सबसे महत्वपूर्ण पदार्थ होता है। कैल्शियम हमारी हड्डियों को मजबूत करके हमें ताकत देता है। लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा भी आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है। एक शोध से पता चला है कि कैल्शियम की गोलियां ज्यादा मात्रा में लेने से दिल के दौरे का खतरा हो सकता है।

अमेरिका के उटाह में इंटरमाउंटेन मेडिकल सेंटर ऑफ हार्ट इंस्टीट्यूट की ब्रेंट मुहलेस्टीन का कहना है कि ज्यादा मात्रा में कैल्शियम का उपयोग करना खतरे को नहीं, दिल की बीमारी को न्यौता देने जैसा है।

मुहलेस्टीन ने बताया कि कैल्शियम की अधिकता से ऐथिरोस्कलेरोसिस की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। रक्त प्रवाही धमनियों में रप्चर बनने लगता है, जो धमनी की दीवारों को बेहद ही कमजोर और सख्त कर देता है। ऐसी स्थिति में ज्यादा कैल्शियम का कोरोनरी धमनियों में जाना नुकसानदेह बन सकता है।

उनका कहना है कि पहले हम लिपिड-लेडेन सॉफ्ट प्लेक को रप्चर की मुख्य वजह मानते थे, जो दिल का दौरा पडऩे का मुख्य कारण है। लेकिन हम नए शोध के निष्कर्ष के आधार पर कह सकते हैं कि ज्यादा कैल्शियम प्लेक हृदय संबंधी कारणों का प्रमुख लक्षण हो सकता है।

शोध के निष्कर्ष के अनुसार कम कैल्शियम लेने से उच्च कोलेस्ट्रॉल में भी दिल के दौरे का खतरा नहीं रहेगा और दिल के मरीजों को स्टैटिन चिकित्सा की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

कैल्शियम के प्रभाव के अध्ययन के लिए टीम ने कम्प्यूटराइज्ड टोमोग्राफी कोरोनरी एंजियोग्राफी के द्वारा कोरोनरी आर्टरी प्लेक का मूल्यांकन किया। शोध के क्रम में दिल के कुछ मरीजों पर लगभग सात वर्ष तक अध्ययन किया गया।