किसानों का ‘भारत बंद’, जानें ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं के पांच खास पॉइंट

किसानों के भारत बंद को कांग्रेस, एनसीपी, वामदल, शिवसेना, सपा, अकाली दल, राजद समेत 18 से ज्यादा विपक्षी दलों का समर्थन प्राप्त हैं। इसके अलावा 10 केंद्रीय ट्र्रेड यूनियन ने नैतिक समर्थन दिया है। साथ ही रेलकर्मियों के संगठन बैंक यूनियन, व्यापारियों की कई संस्थाएं, मंडी समितियां, वकीलों के कुछ संगठन, खाप पंचायतों का साथ किसानों के इस आंदोलन को मिला हैं। चलिए जानते हैं ‘भारत बंद’ के लिए क्या हैं सरकारों की सुरक्षा व्यवस्थाएं।

1. केंद्र सरकार ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों से कहा है कि बंद के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखें। साथ ही कोरोना संबंधी निर्देशों की अवहेलना नहीं हो और सामाजिक दूरी बनी रहे। इसके अलावा किसी तरह की गड़बड़ी पर सख्ती से निपटने की भी हिदायत दी है।

2. दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा है कि लोगों को जबरन बंद में शामिल करने और आवाजाही रोकने वालों पर कार्यवाही होगी। बरन दुकानें बंद करवाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। इसलिए ऐसी व्यवस्था बंद के दौरान बनाई जाए ताकि मारपीट न होने पाए।

3. बंद के दौरान किसी परेशानी से बचने के लिए सिंघु बॉर्डर,गाजीपुर, टिकरी, झरोदा, लामपुर, औचंदी, चिल्ला बॉर्डर और प्याऊ मनियारी, सफियाबाद से आने वाले रास्ते बंद, किसानों का जमावड़ा, जरूरत पड़ने पर डीएनडी-कालिंदी कुंज का ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सकता है।

4. सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में पहले से तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ ही 100 अतिरिक्त कंपनी पुलिस फोर्स के साथ 100 टीमें तैयार की हैं। ये टीमें अलग-अलग इलाकों में गश्त करेंगी। इस सभी टीम की अगुवाई एसीपी स्तर के अफसर करेंगे।

5. एयर इंडिया ने कहा है कि कोई यात्री बंद की वजह से हवाई अड्डे तक नहीं पहुंच पाता है तो उसे ‘नो शो’ चार्ज नहीं देना होगा। इसके अलावा कंफर्म टिकट होने पर किसी दूसरे दिन किसी भी हवाई अड्डे से सफर करने की छूट प्राप्त कराई जायेगी।

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