हवा में उड़ने वाले बारिक धूल के कण सेहत के लिए होते है बहुत हानिकारक

वर्तमान में वायु प्रदुषण का स्तर बहुत हद तक बढ़ गया है जिसके कारण सांस लेना भी बहुत दुष्वार हो गया है। वायु प्रदुषण से सांस के साथ-साथ दिल और दिमाग की भी बीमारियां भी बहुत ज्यादा बढ़ती हैं। अत्यधिक प्रदूषण जिसमें PM 2.5 की अत्यधिक मात्रा हो उसके संपर्क में आने से डायबिटीज का खतरा भी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। बारीक धूलकण बहुत ही खतरनाक होते हैं जो फेफड़ों के तंतुओं को बहुत क्षति पहुंचाते हैं। इन्हें नंगी आंख से कतई नहीं देखा जा सकता।

बारीक धूलकण से आंखों, नाक और गले में जलन, खांसी, बलगम, सीने में जकडऩ और सांस टूटना आदि गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। हवा का स्तर सुधरने पर ये लक्षण बहुत दूर हो जाते हैं। वायु प्रदूषण का संबंध बच्चों में फेफड़ों के विकास और बीमारियों से भी जुड़ा हुआ है।

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