मछली का तेल और कोकोआ दिल की बीमारी को दूर करने में होते हैं मददगार

मछली का तेल और कोकोआ दिल की बीमारी को दूर रखने में बहुत मददगार बन सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, अगर अपने आहार में इन दोनों के साथ फाइटोस्ट्रोल्स को शम्मिलित कर लिया जाए तो दिल की बीमारियां आपके पास नहीं फटकेंगी। फाइटोस्ट्रोल्स आमतौर पर वनस्पति तेल, अखरोट, बादाम और फलियां में बहुत मात्रा में पाया जाता है।

ब्रिटिश शोधकर्ताओं की एक टीम जिसमें एक भारतीय भी शामिल था, उसने यह दावा किया है। वैज्ञानिकों ने दिल की रोगियों में इसकी तीनों की क्षमता जांचने के लिए परीक्षण भी किया। इसमें उन्हें धमनी में आने वाली रुकावट को रोकने में कामयाबी मिली। आहार में समुद्री मछली के तेल में पाए जाने वाले ओमेगा-3 पॉलीअनसेचुरेटेड, कोकोआ में मिलने वाले फ्लेवेनॉल और फाइटोस्ट्रोल्स को ठीक तरीके से मिलाया गया।

ब्रिटेन की कार्डिफ यूनिवर्सिटी से जु़डे एक शख्स ने कहा, ‘शोध के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की गई कि अगर इन तीनों को आहार में शामिल किया जाता है तो इसका क्या असर पड़ेगा।’ शोध के दौरान पता चला कि तीनों चीजों को किसी भी तरह भोजन में शामिल करने से ऐथेरोस्क्लेरोसिस के विकास पर विराम लग सकता है। यह दिल की बीमारी की सबसे बड़ी वजह होती है।