बुजुर्ग हत्याकांड में दंपति व उनके बेटे समेत पांच को उम्रकैद की सजा

हरियाणा में सोनीपत की एक अदालत ने बुजुर्ग की हत्या के मामले में शुक्रवार को दोषी दंपति व उनके बेटे समेत पांच को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गांव रिंढाना निवासी राजेश ने तीन मई, 2017 को बरोदा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका पिता जगबीर (60) 24 अप्रैल, 2017 को तूड़ी लेकर आया तो उनके पड़ोसी बारूराम ने गली में उतारने से मना कर दिया था।

जिस पर उसके पिता ने गांव के ईश्वर से अनुमति लेकर उनके प्लाट के आगे तूड़ी उतारना शुरू कर दिया था। तूड़ी गली में फैलने पर बारूराम ने अपने बेटे कुलदीप, पत्नी निर्मला, नाबालिग बेटे, अपने भाई छोटू और देवेंद्र के साथ उसके पिता पर लाठी, डंडों व कस्सी से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले में राजेश के परिवार के अन्य सदस्यों को भी चोटें लग गई। बाद में उसके पिता ने पीजीआई, रोहतक में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

शिकायत व पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर बारूराम सहित छह लोगों के खिलाफ मारपीट व हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों में बारुराम का एक बेटा नाबालिग मिला। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हथियार बरामद कर लिए गए।

मामले की सुनवाई के बाद एएसजे देविंद्र सिंह की अदालत ने बारूराम, उसकी पत्नी निर्मला, बेटे कुलदीप, भाई छोटू तथा देवेंद्र को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में भादंसं की धारा 302 में उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना, 323 में एक साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना तथा 148-149 में दो साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दोषियों को जुर्माना न देने पर डेढ़ साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।

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