टाइफाइड से बचने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

टाइफॉयड का जानलेवा बुखार साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है. इस बीमारी से शरीर में खून की कमी होने लगती और हमारा इम्यून सिस्टम और लिवर ठीक से काम करना बंद कर देता है.

लक्षण:

इसमें तेज बुखार से इंसान का बदन तपने लगता है. कई बार डायरिया जैसी दिक्कतें भी होती हैं. टाइफॉयड में डॉक्टर मरीज को खास डाइट फॉलो करने की सलाह देते हैं. यह बुखार दूषित भोजन और पानी के माध्यम से या संक्रमित किसी के साथ घनिष्ठ संपर्क के माध्यम से फैलता है| लक्षणों में आमतौर पर उच्च बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द, या तो कब्ज या दस्त शामिल होते हैं|

उपाय:

टाइफॉयड के बुखार में मरीज काफी कमजोरी महसूस करता है. ऐसे में शरीर को ताकत की जरूरत होती है और इसके लिए डेयरी प्रोडक्ट काफी फायदेमंद साबित होते हैं. शरीर को एनेर्जी देने के लिए आप यॉगर्ट जैसे डेयरी प्रोडक्ट का सेवन कर सकते हैं.

टाइफॉयड में प्यास न लगने की वजह से रोगी डीहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है. आपको दस्त या डायरिया जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इस खतरे से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें. रोजाना कम से कम 8 ग्लास पानी पीएं. नारियल पानी इस बीमारी में बेहद फायदेमंद माना जाता है.

टाइफॉयड के बुखार में ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाने से भी शरीर को फायदा होता है. हालांकि एक बात का ध्यान रखें कि आप जो भी चीजें खा रहे हैं, उन्हें पचाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए. उबले हुए आलू या उबले हुए चावल इसमें फायदा दे सकते हैं.

टाइफॉयड के बुखार में डॉक्टर रोगी को हाई कैलोरी वाला फूड खाने की सलाह देते हैं. दरअसल इस बुखार में इंसान का शरीर कमजोर हो जाता है और धीरे-धीरे उसका वजन भी घटने लगता है. ऐसे में ज्यादा कैलोरी वाली चीजें शरीर को ताकत देने का काम करती हैं. आप केला, शकरकंद और पीनट बटर जैसी चीजें खा सकते हैं.

टाइफॉयड के बुखार से राहत पाने के लिए मुनक्का बेहतरीन चीज है. इसे यूनानी औषधी के रूप में भी देखा जाता है. मुनक्का में सेंघा नमक मिलाकर या उसे तवे पर भूनकर खाने से टाइफॉयड का बुखार कम हो जाता है. तेज बुखार चढ़ने पर आप 4-5 मुनक्का भूनकर खा सकते हैं.

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