अपनाएं ये टिप्स आंख का लाल होना और सूजन आने पर उससे बचने के लिए

आंखो का लाल होना और सूजन होना यह संक्रमण से होता है। इसे केंजेक्टिवाइटिस, पिंक आई या जय बंगला भी कहा जाता हैं।

एक-दूसरे में फैलने वाले इस वायरस से बचाव ही हमारे लिए एकमात्र विकल्प है। यह बीमारी किसी भी उम्र के स्त्री-पुरुष या बच्चे को हो सकती है। इसका असर 10 से 12 दिनों तक रहता है। इसे जल्द ठीक करने के लिए कई घरेलू नुस्खे अवश्य अपनाएं जा सकते हैं।
क्या हैं लक्षण:
आंखे पूरी तरह लाल हो जाना,सूजन हो जाना,दर्द करना, आंखों से पानी बहना,कम दिखाई देना, और दूसरे लोगों में फैलना।
क्या हैं कारण:
मौसम बदलने पर संक्रमण के कारण यह होती है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से या संक्रमित आंखों को देखने से भी यह हो सकती है।
क्या करें:
आंखों को कभी संक्रमित न होने दें। संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें। संक्रमित आंखों को कभी न देखें। साफ-सफाई रखें। हरी सब्जियों का बहुत अधिक उपयोग करें।दिन में दो लीटर पानी पीएं। ताकि आंखों की गंदगी बाहर निकते रहे। और भरपूर नींद लें।
घरेलू उपचार:

बर्फ के टुकड़े से संक्रमित आंखों की नियमित सिंकाई करें। इससे दर्द से तत्काल बहुत राहत मिलेगा।

दिन में तीन-चार बार हल्के गर्म पानी से सिंकाई अवश्य करें।

संक्रमित आंखों में गुलाब जल भी डालें।

बराबर मात्रा में गर्म दूध और शहद का मश्रिण बनाएं। इससे आंखों को खूब धोयें। मश्रिण को आई ड्रॉप की तरह आंखों में डालें। संक्रमण से तत्काल बहुत राहत मिलेगी।

धनिया को पानी में उबालें। उसे छान कर ठंडा भी कर दें। इससे आंखों को धोयें। लालिमा, सूजन व दर्द से तत्काल बहुत राहत मिलेगा।

गुलाब, लेवेण्डर व कैमो माइल तेल से सिंकाई बहुत लाभदायक होता है। गर्म तेज को किसी साफ कपड़े में डालकर ठंडा होने तक सिंकाई अवश्य करना चाहिए। दिन में तीन बार 8-10 मिनट तक सिंकाई से बहुत राहत मिलती है।

एक कप सेब का सिरका और एक कप पानी लेकर मश्रिण जरूर तैयार करें। इस मश्रिण से आंखों को अवश्य धोयें। लाभ मिलेगा।

दवा का उपयोग:
अधिक परेशानी होने पर किसी चिकत्सिक से जरूर सलाह लें। चिकत्सिक द्वारा बताए दवा या ड्राप का इस्तेमाल अवश्य करें।

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