मजेदार जोक्स:ये किसके लिये लिखते हो ?

पत्नी – ये जो तुम रोज फेसबुक पर रोमांटिक शायरियां लिखते हो कि,
‘ये तेरी जुल्फें हैं जैसे रेशम की डोर’
ये किसके लिये लिखते हो ?
पति – पगली तेरे लिये ही लिखता हूं, मेरी जानू !
पत्नी – तो फिर वो ही रेशम की डोर कभी दाल में आ जाती है तो इतना चिल्लाते क्यों हो

प्लम्बर – सर, नल ठीक हो गया
लेबर चार्ज 800 रुपये हो गए..

इंजीनियर – अरे, 1 घंटे की इतनी फीस तो मेरी भी नहीं है!

प्लम्बर – सर, जब मैं इंजीनियर था तो मेरी भी नहीं थी!

पप्पू परेशान होकर अपने दोस्त फेंकू से – यार कहां मरूं मैं, कोई मरने ही नहीं देता..

फेंकू – क्यों क्या हुआ?
पप्पू – किसी लड़की को बोलता हूं कि तुम पर मरता हूं तो ब्लॉक कर देती है।

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बेटी स्कूल से वापस आ रही थी
मां – लगता है तू हमारा नाम डुबोएगी

बेटी – क्यूं मां ऐसा क्यों लगा?

मां – वो बंगाली लड़का तेरा हाथ पकड़े हुए था
तूने उसे मना क्यों नहीं किया?

बेटी – मैं कैसे मना करती मां
मुझे बंगाली बोलनी नहीं आती ना…!!!

पप्पू – मुझे सारे सड़े हुए, खराब आम दे दीजिए।
दुकानदार – सड़े हुए?

पप्पू – हां, सड़े और खराब।
दुकानदार – ठीक है, यह लीजिए।
पप्पू – अब इसे बगल में रखिए और
बचे हुए अच्छे आमों में से एक किलो दे दीजिए…!

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