बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने लगाया आरोप – अफसर विधायकों से बढ़िया व्यवहार नहीं करते

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने अपनी समस्या मुख्यमंत्री नितीश कुमार से साझा की है ।

एनडीए के बैठक में विपक्ष के हर सवाल पर तार्किक जवाब देने की रणनीति पर विस्तार से बातचीत हुई। इस बैठक में राज्य सरकार के सभी मंत्रियों के साथ ही भाजपा, जदयू, हम और वीआईपी के सभी विधायक व विधान पार्षदों ने हिस्सा लिया। हिंदुस्तान के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने समस्या रखी कि अफसर विधायकों से बढ़िया व्यवहार नहीं करते।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे गंभीरता से लिया। कहा कि बजट सत्र 24 मार्च तक चलेगा। उसके बाद विधायकों को बुलाकर अधिकारियों संग बैठक करायी जाएगी ताकि आपलोगों को कोई दिक्कत न हो। बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी ने भी एनडीए के सभी विधानमंडल दल के सदस्यों को बजट सत्र में नियमित अटेंडेंस रखने का आग्रह किया।

नए विधायक के साथ साथ पहली बार बने मंत्रियों से नीतीश कुमार ने साफ-साफ कहा कि सदन में विपक्ष के हर मुद्दे पर मुखर रहना है। शालीनता के साथ तार्किक ढंग से हर सवाल का जवाब देना है। सदन की कार्रवाई जब तक चलेगी तब तक कोई भी माननीय सदन से बाहर नही जाएं। अनिवार्य रूप से सत्र में मौजूद रहिए। नए लोगों के लिए तो यह और भी जरूरी है। आप ध्यान देकर कार्यवाही देखेंगे तो 90 फीसदी चीजें यहीं सीख जायेंगे, क्योंकि आपको सारा व्यावहारिक ज्ञान होगा।

विपक्ष के नेता पर कटाक्ष करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि कुछ आता-जाता है नहीं और कुछ से कुछ बोलता है। आप तार्किक होकर प्रतिपक्ष के सभी सवालों का जवाब दीजिए।

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