पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय अपने ही सिपाही से खा गए मात, जाने कैसे

बिहार के पूर्व डीजीपी रहे गुप्तेश्वर पाण्डेय ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआतद करने के लिए पिछले महीने बिहार पुलिस के डीजीपी पद से इस्तीफा दे दिया था। परन्तु दूसरी बार भी उन्हे शिकस्त मिली है। इसके पहले भी साल 2006 में वह सियासत के लिए नौकरी से इस्तीफा दे चुके थे। हालांकि तब भी उनका टिकट कंफर्म नहीं हुआ और बाद में उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया था। इस बार भी उनके साथ लगभग वही हालात बनी है।

गौरतलब हो की पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को बक्सर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे। बक्सर से सांसद और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पहले ही बक्सर सदर सीट पर बीजेपी के ही किसी समर्पित कार्यकर्ता के प्रत्याशी बनने की बात कह चुके थे। इसके बाद चुनाव समिति को संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता राज्य कार्यकारिणी सदस्य परशुराम चतुर्वेदी को प्रत्याशी बनाना पड़ा। इस बार उनको यह अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि उन्हें इस बार जिससे मात मिलेगी वो कोई और नहीं बल्कि उनका ही पूर्व मुलाजिम है। बक्सर विधानसभा सीट के लिए पूर्व डीजीपी सामना उनके ही महकमे में सिपाही रहे परशुराम चतुर्वेदी से हुआ। सियासी उठा-पटक और सीट शेयरिंग में सिपाही अपने डीजीपी पर भारी पड़ा। परशुराम चतुर्वेदी ने 16 साल पहले 2004 में पुलिस मे हवलदार पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में कदम रखा था।

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