इम्युनिटी से लेकर High BP तक, इन बीमारियों के लिए रामबाण से कम नहीं तुलसी, जानिये इस्तेमाल का तरीका

वैश्विक महामारी बनकर उभरी कोरोना वायरस के प्रकोप से दुनिया के हर कोने में लोग अपनी सेहत को लेकर सजग हो गए हैं। अब तक इस वायरस का इलाज खोजा नहीं जा सका है और संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। एक अध्ययन के अनुसार ब्लड प्रेशर के मरीजों को कोरोना संक्रमण का खतरा एक बार ठीक हो जाने के बावजूद बना रहता है। ऐसे में जरूरी है कि मरीज अपने बीपी रेंज को तो कंट्रोल करें ही, साथ में अपनी इम्युनिटी भी स्ट्रॉन्ग करें। जब ब्‍लड प्रेशर लगातार 120/80 mmHg से ज्‍यादा हो जाता है, तो उस स्थिति को हाइपरटेंशन यानि कि उच्च रक्तचाप की समस्या कहते हैं। इससे बचाव हेतु कई घरेलू उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है जिनमें से एक है तुलसी। ये बीपी के स्तर को नियंत्रित रखने के साथ शरीर के इम्युन सिस्टम को भी मजबूती प्रदान करता है।

बेहद गुणकारी है तुलसी: लगभग हर घर की रसोई में पाई जाने वाली तुलसी स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद गुणकारी है। आयुर्वेद में भी तुलसी को महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी का दर्जा दिया गया है। तुलसी स्ट्रेस हार्मोन कार्टिसोल को कम करने में कारगर है। इससे बीपी के स्तर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसमें एसेंशियल ऑयल्स पाए जाते हैं जो रक्तचाप के स्तर को काबू करने में मददगार है। इसके सेवन से ब्लड वेसल्स मजबूत होते हैं, इससे शरीर में खून का संचार बेहतर तरीके से होता है जिससे बीपी सामान्य रहता है।

इम्युनिटी बढ़ाने में कारगर: तुलसी में एंटी-बायोटिक, एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का कार्य करते हैं। इसमें कई एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो इम्युनिटी को स्ट्रॉन्ग करने में मददगार हैं। सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और सांस संबंधी परेशानियों से छुटकारा दिलाने में भी तुलसी रामबाण साबित होती है। इसके सेवन से गले में खराश और खांसी से भी निजात मिलता है।

ऐसे करें सेवन: आप चाहें तो तुलसी को सुबह-सुबह खाली पेट चबा सकते हैं। इसके अलावा, तुलसी से बना काढ़ा या चाय का सेवन भी लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा। तुलसी का इस्तेमाल सूप, सलाद और पुलाव तक में किया जाता है।

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