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तो क्या गंगा सफाई अभियान भी राम मंदिर की तरह एक जुमला था

नई दिल्ली: हमारे देश में पार्टियों ने हमेशा ही धर्म के नाम पर वोट मागे है और ये बात जगजाहिर है| इस तजा उदाहरण है गंगा सफाई के लिए अनशन में बैठे प्रो. जीडी अग्रवाल का निधन| अग्रवाल लम्बे समय से गंगा सफाई अभियान को आगे ले जाने के लिए सरकार से गुहार लगा रहे थे लेकिन सरकार की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हो रही थी|

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राम मंदिर जैसा जुमला– जिस तरह साल 2014 में भाजपा ने राम मंदिर का राग अलापा था और कहा था की वो मंदिर का निर्माण करवाएगी लेकिन बाद में वो एक जुमला निकला और आज तक मंदिर नहीं बना और अब ये कह रहे है की वो कोर्ट का फैसला है| वैसे ही हुआ गंगा सफाई के नाम पर| हिन्दुओ की आस्था गंगा माँ से जुडी है और ये केवल एक नदी नहीं बल्कि हिन्दू धर्म के लिए मोक्ष का प्रतीक है| कहते है की अंतिम समय सबको गंगा में मिल जाना होता है| उस मोक्ष के साथ खिलवाड़ किया गया| गंगा सफाई मंत्रालय बनाया गया और उसका मंत्री बनाया गया उमा भारती को जो साध्वी है| उमा भारती ने बीते चार सालो में गंगा सफाई के नाम पर कोई भी काम नहीं किया और ये बात सबके सामने है| एक रिपोर्ट के मुताबिक गंगा पहले से अधिक गन्दी हुई है, उसमे अधिक फैक्ट्रियो का पानी आने लगा है और उसको गन्दा करने वाली ये सरकार आज भी कहती है की गंगा मैया ने बुलाया है| जब मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ रहे थे और उनका जादू हर किसी के दिमाग में सर चढ़कर बोल रहा था तो वो हर सभा में कहते की मुझे गंगा मैया ने बुलाया है| इसके बाद मैया को भूल गए| भूल गए की माँ की हालत कैसी है| अब इसे एक चुनावी घोषणा और जुमला ना कहा जाए तो क्या कहा जाय| उमा भारती ने गंगा को लेकर खूब प्रचार किया और साथ में नितिन गडकरी को भी शामिल किया गया| लेकिन कोई फायदा नहीं और अंत में गंगा के लोगो को प्राण त्याग देने पड़े|

 

गंगा में दूषित पानी ना आये इसके लिए कई सारे बांधो को रोका गया था लेकिन इस सरकार के आने के बाद उसे भी खोल दिया गया| यानी की साफ़ करना तो दूर गंगा गन्दी अभियान का शुभारम्भ किया गया| हिन्दुओ के नाम पर वोट मांगने वाली सरकार ने आज भी वही ठेका ले रखा है और हर जगह हिन्दुओ के नाम पर वोट मांग रही है| जैसे आजकल दुर्गा पूजा के लिए बंगाल में वोट मांगे जा रहे है| गंगा सफाई के लिए प्राण दे देने वाले प्रोफ़ेसर अग्रवाल 82 साल के थे और उन्होंने अपनी जीवनलीला खत्म कर ली| वो कुछ अधिक नहीं मनाग रहे थे बस इतना कह रहे थे की सरकार ने जो वादे किये है वो गंगा के लिए निभा दे और खुद गंगा साफ़ हो जाएगी लेकिन ये निकला तो केवल और केवल एक जुमला|

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