15 नवंबर को गंगोत्री और 19 को बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए होंगे बंद

विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ और गंगोत्री धाम के कपाट 15 नवंबर को दोपहर 12:15 बजे जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवंबर को दोपहर 3:35 बजे शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। जिसके बाद देश-विदेश के श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास मुखीमठ (मुखवा) में ही कर सकेंगे।

शारदीय नवरात्र के समापन पर रविवार को गंगोत्री धाम में आयोजित अनुष्ठान में तीर्थ पुरोहितों ने पंचांग से मंदिर के कपाट बंद होने का शुभ मुहूर्त निकाला। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट के अवसर पर बंद होते हैं। इस बार अन्नकूट पर्व 15 नवंबर को है।

उन्होंने बताया कि अन्नकूट पर्व के दिन वेद मंत्रों के साथ मां की मूर्ति का महाभिषेक किया जाता हैं। उसके बाद विधिवत हवन पूजा-अर्चना के साथ कपाट बंद कर दिए जाएंगे। जिसके बाद गंगा की उत्सव डोली को मंदिर परिसर से बाहर निकाला जाएगा। फिर डोली दोपहर 12:30 पर शीतकालीन प्रवास मुखवा के लिए प्रस्थान करेगी। सेमवाल ने बताया कि डोली रात्रि निवास चंडेश्वरी देवी मंदिर (माकेंडेय मंदिर) में निवास करेंगे।

सेमवाल के मुताबिक 16 नवंबर भैयादूज के मौके पर सुबह विधिविधान के साथ मंदिर से डोली शीतकालीन प्रवास मुखवा गंगोत्री मंदिर पहुचेंगी। वहां अगले छह माह के लिए देश विदेश के श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे। वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट 16 नवंबर भाईदूज के दिन बंद होने हैं।

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