ऐसे पाए गर्भाशय में होने वाले रसौली से छुटकारा

वर्तमान समय में गलत खानपान और भाग दौड़ भरी जिंदगी के कारण आजकल 10 में से 7 महिलाएं किसी न किसी हैल्थ प्रॉब्लम की शिकार हैं। रसौली भी इसी में एक गंभीर समस्या है। रसौली ऐसी गांठें होती हैं जो कि महिलाओं के गर्भाशय में या उसके आसपास उभरती हैं। ये मांस-पेशियां और फाइब्रस उत्तकों से बनती हैं और इनका आकार कुछ भी हो सकता है। इसके कारण बांझपन का खतरा होने की गंभीर आशंका रहती है। वैसे तो 16 से 50 साल की महिलाएं कभी भी इस बीमारी की चपेट में आ सकती हैं। मगर 30 से 50 साल की महिलाओं में ये गंभीर समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। आज हम आपको गर्भाशय में रसौली के घरेलू इलाज के बारे में बताएंगे।

रसौली का घरेलू इलाज

ग्रीन टी
ग्रीन टी पीने से भी गर्भाशय रसौली को पूर्ण्तः दूर किया जा सकता है। इसमें पाएं जाने वाले एपीगेलोकैटेचिन गैलेट (Egihallocatechin gallate) नामक तत्व रसौली की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। प्रतिदिन 2 से 3 कप ग्रीन टी पीने से गर्भाशय की रसौली के लक्षणों को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है।

बरडॉक रूट
बरडॉक रूट गर्भाशय रसौली को कम करने में बहुत मदद करती हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण होते हैं जो इस गंभीर समस्या और कैंसर के खतरे को कम करता है।

हल्दी
एंटीबॉयोटिक गुणों से भरपूर हल्दी का सेवन शरीर से विषैले तत्वों को पूर्ण्तः बाहर निकाल देता है। यह गर्भाशय रसौली की ग्रोथ को रोक कर कैंसर का खतरा कम करता है।

आंवला
एक चम्‍मच आंवला पाउडर में एक चम्‍मच शहद मिलाकर रोजाना सुबह खाली पेट लें। अच्‍छे परिणाम पाने के लिए कुछ महीने इस उपाय को नियमित रूप से करें।

लहसुन
लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी पाएं जाते हैं जो ट्यूमर और गर्भाशय फाइब्रॉएड के विकास को पूर्ण्तः रोक सकती है। लहसुन को खाने से गर्भाशय में रसौली की समस्या नहीं होती।

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