कैंसर मरीजों के लिए खुशखबरी, वैज्ञानिकों ने ईजाद किया नया ट्रीटमेंट

कैंसर के मरीजों के लिए अभी तक चार ट्रीटमेंट खोज की जा चुकी थी। जिससे कई बार कुछ कैंसर के सेल्स बॉडी में रह जाते थे। लेकिन अब कैंसर मरीजों के लिए वैज्ञानिकों ने नया ट्रीटमेंट ईजाद करने का दावा किया है। उन्होंने कैंसर के लिए फोटो इम्यूनोथैरेपी में सफलता पा ली है।

ये सर्जरी, कीमोथैरेपी, रेडियोथैरेपी और इम्यूनोथैरेपी के बाद ये कैंसर का 5वां ट्रीटमेंट होगा। इसमें उन छोटे-छोटे सेल्स को भी खत्म किया जा सकेगा, जो पिछली थैरेपी में रह जाते थे। लंदन के कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने थैरेपी का चूहों पर सफलतापूर्वक प्रयोग कर लिया है।

ट्रायल ग्लियोब्लास्टोमा कैंसर से पीड़ित चूहों पर किया गया ग्लियोब्लास्टोमा ब्रेन कैंसर में सबसे कॉमन है। फोटो इम्यूनोथैरेपी में दिमाग में बहुत छोटे कैंसर सेल्स भी आसानी से नजर आए। डॉक्टरों ने उन्हें आसानी से निकाल लिया। जो नहीं निकल सके, वह भी इलाज के कुछ देर बाद खुद ही खत्म हो गए।

दावा किया गया है कि इस ट्रीटमेंट के बाद भी मरीज का इम्यून सिस्टम मजबूत होगा। मरीज में दोबारा ग्लियोब्लास्टोमा के लक्षण दिखते ही उन्हें रोका जा सकेगा वैज्ञानिकों का कहना है कि थैरेपी में कैंसर के छोटे सेल्स अंधेरे में तेजी से चमकेंगे। डॉक्टर उन्हें देख कर आसानी से निकाल सकेंगे। एक्सपर्ट का कहना है

अब तक जो थैरेपी थीं, उनमें कैंसर सेल्स बॉडी में रह जाते थे। इससे मरीज के कम समय में मरने का खतरा रहता था, लेकिन फोटो इम्यूनोथैरेपी की मदद से मरीज लंबे समय तक जी सकेंगे।’ रिसर्च में शामिल डॉ. गैब्रिएला क्रेमर-मरेकी ने कहा, ‘कैंसर का इस तरह का ट्रीटमेंट जटिल है।

दिमाग में ट्यूमर होने के कारण ये ट्रीटमेंट और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में ट्यूमर सेल्स का पता लगाने की तकनीक मिलना अपने आप में ऐतिहासिक है।’ चूहों के बाद ग्लियोब्लास्टोमा पीड़ित इंसानों पर भी वैज्ञानिकों द्वारा प्रयोग किया जाना प्रस्तावित है। सफल होने पर कैंसर के बाकी रूपों पर भी परीक्षण किया जाएगा। साइंटिस्ट अब न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर के ट्रीटमेंट पर भी रिसर्च कर रहे हैं।

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