भारत सरकार ने लिया चीन के खिलाफ एक और बड़ा फैसला, चीन के उड़े होश

सीमा पर तनाव के बीच भारत लगातार पड़ोसी देश चीन को झटके दे रहा है। 200 से अधिक चीनी एप्स को बैन कर भारत ने दुश्मन को आर्थिक मोर्चे पर काफी बड़ी चोट पहुंचाई है। इसके बाद अब भारत ने चीन को नया झटका देते हुए चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के एक वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता वाले गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) चाइनीज एसोसिएशन फॉर इंटरनेशनल अंडरस्टैंडिंग (सीएआईएफयू) से जुड़े लोगों के वीजा आवेदनों की कड़ाई से जांच पड़ताल का आदेश जारी किया है। भारत सरकार की नजर में यह चाइनीज संगठन देश के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

मामले से जुड़े अधिकारीयों का कहना है कि चीन के जिस एनजीओ से जुड़े लोगों के वीजा आवेदनों पर सख्ती बरती जा रही है उसका सीधा संबंध कम्युनिस्ट पार्टी के सेंट्रल कमेटी के यूनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट से है। जोकि चीन से बाहर नेताओं, थिंक टैंक सदस्यों और मीडिया को प्रभावित करने का काम करते है।

अधिकारीयों ने बताया भारत सरकार ने इंटरनल मेमो के जरिए चीनी एनजीओ को देश के लिए चिंता का विषय बताया है। सरकार को संदेह है कि इसकी गतिविधियां देश के राष्ट्र हितों के खिलाफ हैं। भारत सरकार ने यह फैसला किया है कि सीएआईएफयू से जुड़े लोगों को वीजा जारी करने से पहले उनकी सघन जांच की जाएगी जिससे भविष्य में देश को किसी तरह का खतरा न हो। पूरे मामले पर सफाई देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि एनजीओ के प्रमुख नेशनल पीपुलस कांग्रेस के उपाध्यक्ष जी बिंगक्सुआन हैं। इसका उद्देश्य चीन के लोगों से भारत सहित सभी देशों से रिश्ते मजबूत करना है।

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