ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट केस: एडिट और फॉरवर्ड करने वाली दिशा रवि को लेकर बड़ा खुलासा

ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट मामले में 21 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया है। दिशा रवि से पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। बताया जा रहा है कि दिशा ने ही टूलकिट का गूगल डॉक बनाकर उसे सर्कुलेट किया। इसके लिए उसने वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था। वह इस टूलकिट की ड्राफ्टिंग में भी शामिल थी।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने शनिवार को 21 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। दिशा ने बेंगलुरु के एक प्राइवेट कॉलेज से बीबीए की डिग्री ली है और वो पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्था ‘फ़्राइडेज़ फ़ॉर फ़्यूचर’ के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं।

यह भी जानकारी सामने आयी है कि बाद में दिशा ने ही ग्रेटा को वह दस्तावेज़ सोशल मीडिया से हटाने के लिए कहा जिसके कुछ भड़काऊ हिस्से सोशल मीडिया पर शेयर होने लगे थे।

दिशा रवि को पाँच दिन तक पुलिस हिरासत में रखा जायेगा। इस दौरान उनसे पूछताछ होगी। साथ ही पुलिस ने उनके मोबाइल फ़ोन और लैपटॉप को भी सीज़ कर लिया है ताकि उनकी जाँच की जा सके।

बता दें कि टूलकिट एक डॉक्यूमेंट है। इसमें बताया गया है कि आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर समर्थन कैसे जुटाया जाए, किस तरह के हैशटैग का इस्तेमाल किए जाएं, प्रदर्शन के दौरान अगर कोई दिक्कत आए तो कहां कॉन्टैक्ट करें? इस दौरान क्या करें और क्या करने से बचें?

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